घर बचाने की जंग: मेरठ में 70 दिन से धरने पर महिलाएं, अब सुंदरकांड से लगाएंगी गुहार

मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सेटबैक को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। 10 अप्रैल से चल रहे धरने के बीच अब महिलाएं 21 जून से सात दिनों तक सुंदरकांड पाठ करेंगी। उनका कहना है कि 28 जून तक समाधान नहीं मिला तो वे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाना बंद कर देंगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 June 2026, 2:58 PM IST

Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में इन दिनों मकानों को बचाने की लड़ाई चल रही है। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं अपने घरों को बचाने की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठी हैं। सेटबैक छोड़ने की कार्रवाई के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन अब एक नए चरण में पहुंच गया है। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला। अब उन्होंने अपनी मांग को लेकर धार्मिक तरीके से आवाज उठाने का फैसला किया है।

21 जून से सात दिन तक होगा सुंदरकांड पाठ

धरने पर बैठी महिलाओं ने बताया कि 21 जून से वे सात दिनों तक सुंदरकांड पाठ करेंगी। इसके जरिए वे अपने घरों को बचाने और समस्या के समाधान की प्रार्थना करेंगी। महिलाओं का कहना है कि अगर 28 जून तक प्रशासन की तरफ से कोई फैसला नहीं आता है तो वे आगे किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि के पास अपनी फरियाद लेकर नहीं जाएंगी। गोल मंदिर के पास भी महिलाएं भजन-कीर्तन कर अपने मकानों की सुरक्षा की कामना कर रही हैं।

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815 संपत्तियों को जारी किए गए नोटिस

मामले को लेकर अधिकारियों की तरफ से क्षेत्र की 815 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन संपत्तियों में अल्प आय वर्ग और दुर्बल आय वर्ग के मकान भी शामिल हैं। अधिकारियों की ओर से इन मकानों का सर्वे कराया जा रहा है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सर्वे के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

महिलाओं को सता रहा मकान टूटने का डर

आंदोलन कर रही महिलाओं का कहना है कि अगर सेटबैक की प्रक्रिया लागू होती है तो कई मकानों पर खतरा आ सकता है। उनका दावा है कि क्षेत्र में बने ज्यादातर मकान करीब 40 साल पुराने हैं। कई मकान पिलर पर नहीं बल्कि चार इंच मोटी दीवारों पर बने हुए हैं। ऐसे में किसी भी तरह की तोड़फोड़ से इन मकानों को नुकसान पहुंच सकता है। महिलाओं का कहना है कि उनका घर ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और उसे बचाने के लिए वह हर संभव प्रयास कर रही हैं।

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छोटे व्यापार भी हुए प्रभावित

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। महिलाओं के अनुसार, विरोध प्रदर्शन और तनाव के कारण कई लोगों ने अपने छोटे-छोटे व्यापार बंद कर दिए हैं। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों के साथ व्यापारियों की चिंता भी बढ़ गई है।

तकनीकी टीम कर चुकी है निरीक्षण

मामले को लेकर 15 जून को कानपुर तकनीकी विश्वविद्यालय की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया था। आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता राहुल यादव ने बताया कि टीम चरणबद्ध तरीके से सर्वे कर रही है। यह प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। वहीं सेंट्रल मार्केट तिरंगा चौक व्यापार संघ के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने भी 21 जून से शुरू होने वाले सुंदरकांड पाठ की पुष्टि की है।

Location :  Meerut

Published :  19 June 2026, 2:54 PM IST