पहले जान का खतरा बताया, फिर चाकू से कर दी हत्या! भलुअनी में शव रखकर सड़क जाम, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

देवरिया के भलुअनी थाना क्षेत्र में करीब 23 वर्षीय मनीष सिंह उर्फ मोनू सिंह की चाकू से हमला कर हत्या के बाद बवाल बढ़ गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर देवरिया-बरहज मार्ग जाम कर दिया। परिवार का आरोप है कि मनीष को पहले से जान का खतरा था और 1 सितंबर को पुलिस को शिकायत भी दी गई थी।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 September 2026, 7:17 PM IST

Deoria: देवरिया के भलुअनी थाना क्षेत्र में करीब 23 वर्षीय युवक मनीष सिंह उर्फ मोनू सिंह की चाकू से हमला कर हत्या के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही युवक का शव भलुअनी कस्बे पहुंचा, आक्रोशित परिजन और ग्रामीण सड़क पर उतर आए। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर देवरिया-बरहज मार्ग जाम कर दिया। हत्या से गुस्साए ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि मनीष को पहले से जान का खतरा था। उनका दावा है कि इस संबंध में 1 सितंबर को पुलिस को शिकायत दी गई थी। इसके बाद 3 सितंबर को मनीष पर जानलेवा हमले की कोशिश भी हुई, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती तो शायद मनीष की जान बच सकती थी। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।

चाकू से हमला, फिर मौत से मचा हड़कंप

बताया जा रहा है कि देर रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर मनीष पर चाकू से हमला किया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और स्थानीय लोग घायल मनीष को इलाज के लिए ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। युवक की मौत की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

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पोस्टमार्टम के बाद सड़क पर रखा शव

पोस्टमार्टम के बाद मनीष का शव भलुअनी कस्बे में पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़क पर जमा हो गए। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर देवरिया-बरहज मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और उनकी मांगों पर कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

पहले ही दी थी शिकायत

मृतक के परिजनों का कहना है कि मनीष को लेकर पहले से खतरा बना हुआ था। परिवार का दावा है कि 1 सितंबर को पुलिस के पास शिकायत दी गई थी। इसके बाद 3 सितंबर को मनीष के साथ जानलेवा हमला करने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। परिजनों का सवाल है कि अगर पहले से शिकायत थी और युवक को खतरे की जानकारी पुलिस को दी गई थी, तो उस शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई? परिवार का आरोप है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाया गया और आखिरकार मनीष की हत्या हो गई।

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एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग

हत्या के बाद प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। मृतक के बड़े भाई ने भी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

संगठनों ने भी पुलिस पर उठाए सवाल

मामले में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। सेंथवार मल्ल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगा सिंह सेंथवार और करणी सेना के मंडल अध्यक्ष पवन शाही ने भी पुलिस पर कथित लापरवाही का आरोप लगाया है। दोनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Location :  Deoria

Published :  11 September 2026, 7:17 PM IST