चंद्रनाथ रथ ही नहीं… Suvendu Adhikari के PAs की मौतों पर पुराना विवाद फिर सुर्खियों में

पश्चिम बंगाल की राजनीति में Suvendu Adhikari एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालिया घटनाओं के बाद उनके करीबियों की पिछले वर्षों में हुई संदिग्ध या असामान्य मौतों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 8 May 2026, 2:43 PM IST
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Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजनीति में Suvendu Adhikari एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालिया घटनाओं के बाद उनके करीबियों की पिछले वर्षों में हुई संदिग्ध या असामान्य मौतों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पिछले करीब 13 वर्षों में उनके दो निजी सहायक और एक बॉडीगार्ड की अलग-अलग परिस्थितियों में मौत होने के दावे किए जा रहे हैं।

हालांकि इन घटनाओं को जोड़कर किसी एक पैटर्न या साजिश की पुष्टि अब तक किसी आधिकारिक जांच में नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जरूर तेज हो गए हैं।

2013 की घटना: पूर्व सहयोगी की संदिग्ध मौत

साल 2013 में, जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में सांसद थे, उनके पूर्व निजी सहायक प्रदीप झा की मौत को लेकर विवाद खड़ा हुआ। उन्हें कोलकाता की स्ट्रैंड रोड इलाके में बेहोशी की हालत में पाया गया था। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित किया गया।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अत्यधिक शराब सेवन और दम घुटना बताया गया, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों—मोबाइल फोन का गायब होना और कपड़ों की स्थिति—को लेकर सवाल उठे थे। उस समय इसे हत्या के एंगल से भी देखा गया, हालांकि जांच किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंची।

2018: बॉडीगार्ड की मौत पर उठे सवाल

इसके बाद 2018 में उनके बॉडीगार्ड सुभब्रत चक्रवर्ती की मौत हुई। उन्हें कांथी स्थित बैरक में गोली लगी हालत में पाया गया था।

शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए दोबारा जांच की मांग की। मामला फिर से दर्ज हुआ, हालांकि आज तक इस घटना में भी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

2021 और हालिया घटनाएं

2021 में उनके सहायक पुलक लाहिरी की मौत भी चर्चा में रही। इसके बाद हाल ही में चंद्रनाथ रथ की हत्या की घटना ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।

Suvendu Adhikari वर्तमान में पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और मुख्यमंत्री पद की संभावित रेस में उनका नाम चर्चा में रहता है। उन्होंने नंदीग्राम जैसे हाई-प्रोफाइल चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दी थी, जिससे वे राज्य की राजनीति में एक केंद्रीय प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्थापित हुए।

फिलहाल इन सभी घटनाओं को लेकर कोई संयुक्त जांच निष्कर्ष या प्रमाणित कड़ी सामने नहीं आई है। मामले अलग-अलग स्तर पर जांच के दायरे में रहे हैं और राजनीतिक बहस लगातार जारी है।

Location :  Kolkata

Published :  8 May 2026, 1:49 PM IST

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