सोनभद्र पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 86 पीड़ितों के 35.86 लाख रुपये वापस कराए हैं। एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना और साइबर हेल्प डेस्क की टीम ने NCRP पोर्टल, 1930 हेल्पलाइन और बैंकों के समन्वय से यह कार्रवाई संभव की।

साइबर ठगों पर सोनभद्र पुलिस की बड़ी चोट
Sonbhadra: ऑनलाइन ठगी का जाल जिस तेजी से फैल रहा है, उससे आम लोग हर दिन किसी न किसी साइबर अपराध का शिकार बन रहे हैं। कभी फर्जी कॉल, कभी नकली लिंक और कभी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के नाम पर ठग लोगों के बैंक खातों से पल भर में पैसे गायब कर देते हैं। कई मामलों में पीड़ितों की मेहनत की कमाई वापस मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की है जिसने पीड़ितों को बड़ी राहत दी है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार 86 लोगों के करीब 35.86 लाख रुपये वापस उनके खातों में दिलाने में सफलता हासिल की है।
सोनभद्र पुलिस लगातार साइबर अपराध के मामलों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन और मार्गदर्शन में जिले में साइबर क्राइम के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना और विभिन्न थानों में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क की टीम ने मिलकर बड़ी सफलता हासिल की है।
सोनभद्र पुलिस की कार्रवाई केवल फरवरी तक सीमित नहीं है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी पुलिस ने साइबर ठगी के कई मामलों में तेजी से कार्रवाई करते हुए 48 पीड़ितों की मदद की थी। जनवरी में कुल 23 लाख 12 हजार 636 रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराए गए थे। पुलिस की इस लगातार कार्रवाई से साफ है कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त रणनीति के साथ काम किया जा रहा है।
सोनभद्र में तेज रफ्तार हाईवा ने सीमेंट लदे ट्रैक्टर को मारी टक्कर, मची अफरा-तफरी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सफलता के पीछे तकनीकी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की अहम भूमिका रही है। साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की निगरानी NCRP पोर्टल के माध्यम से लगातार की जा रही है। इसके साथ ही 1930 साइबर हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। पीड़ित जैसे ही कॉल या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करते हैं, पुलिस और संबंधित बैंक तुरंत सक्रिय हो जाते हैं। यही वजह है कि कई मामलों में ठगों द्वारा ट्रांसफर किए गए पैसे को समय रहते रोक लिया जाता है और बाद में उसे वापस पीड़ितों के खाते में भेज दिया जाता है।
सोनभद्र पुलिस के अनुसार साइबर अपराध के मामलों में सबसे अहम होता है समय पर कार्रवाई। जैसे ही किसी ठगी की शिकायत मिलती है, पुलिस संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाकर तुरंत उन्हें होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू कर देती है। इसके साथ ही डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाता है और विभिन्न बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत कई संदिग्ध खातों को ब्लॉक किया गया और उनमें मौजूद रकम को सुरक्षित कर लिया गया। बाद में यह रकम कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़ितों को वापस दिलाई गई।
सोनभद्र में गैस सिलेंडर के लिए उमड़ी भीड़, ओटीपी और कम सप्लाई से हुआ ये हाल…
इस पूरी कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना और जिले के विभिन्न थानों में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क की टीम की अहम भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के मार्गदर्शन में इन टीमों ने लगातार काम करते हुए शिकायतों की जांच की, डिजिटल ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई और बैंकों के साथ समन्वय बनाकर पैसे वापस कराने की प्रक्रिया पूरी की।
सोनभद्र पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो वह बिल्कुल भी देर न करे। ऐसी स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या फिर cybercrime.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को ठगों के खातों में पहुंचे पैसे को रोकने में मदद मिलती है और पीड़ित को उसकी रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।