स्कॉर्पियो चोरी की जांच से खुला बड़ा नेटवर्क; यूपी, उत्तराखंड, बिहार और बंगाल तक फैले गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार, 6 गाड़ियां और कई उपकरण बरामद।

Raibareli Car theft gang
Raebareli: रायबरेली पुलिस ने कार चोरी के एक मामले की जांच करते हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो हाईटेक तरीके से लग्जरी गाड़ियों की चोरी किया करते थे। आरोपियों के पास से चोरी की छह गाड़ियां, चार ईसीएम (इंजन कंट्रोल मॉड्यूल), चार इग्निशन लॉक और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 16 फरवरी को थाना बछरावां क्षेत्र से काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी चोरी हो गई थी। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से जांच शुरू की।
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जांच के दौरान पुलिस ने यूपी पुलिस के यक्ष ऐप की मदद से कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस की टीम मऊ जिले तक पहुंची। यक्ष ऐप में अपराधियों का डेटा और रजिस्ट्रेशन भी उपलब्ध रहता है, जिससे फोटो और फुटेज का मिलान करने पर एक संदिग्ध की पहचान हुई। उसे गिरफ्तार करने के बाद गिरोह के अन्य सदस्य भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें अनिल उर्फ अनीश, रिंकू उर्फ राहुल (बुलंदशहर), जितेंद्र गुप्ता उर्फ जीतू (एटा), प्रदीप सिंह उर्फ पिंटू (मऊ), अरविंद (संत कबीर नगर), राकेश कुमार (जमुई, बिहार), राजू सिंह उर्फ योगेश (हरिद्वार, उत्तराखंड) और नौशाद उर्फ फईम (सिकंदरा, बिहार) शामिल हैं।
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पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड प्रदीप सिंह है, जो मऊ जिले का रहने वाला है और उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है। पूछताछ में उसने बताया कि उसने गाड़ियों के लॉक तोड़ने और इंजन कंट्रोल मॉड्यूल (ECM) बदलकर वाहन स्टार्ट करने का तरीका YouTube वीडियो देखकर सीखा था।
गिरोह के सदस्य एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में जाकर हाईटेक गाड़ियां चोरी करते थे। इसके बाद वाहनों के नंबर प्लेट बदलकर उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों में बेच दिया जाता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।