डेढ़ लाख दो, तभी छूटेगा ट्रक! नौतनवा कस्टम पर कारोबारी ने लगाए गंभीर आरोप, पीड़ित ने डाइनामाइट न्यूज़ से बयां की दास्तां

नौतनवा कस्टम विभाग से जुड़े मामले में एक कबाड़ कारोबारी की शिकायत ने हलचल बढ़ा दी है। कारोबारी ने ट्रक रोकने के बाद डेढ़ लाख रुपये मांगने, मोबाइल छीनने और कस्टम कार्यालय में मारपीट तक के आरोप लगाए हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 23 September 2026, 10:37 AM IST

Maharajagnj: नौतनवा कस्टम विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। नगर पालिका के वार्ड नंबर 19 निवासी कबाड़ कारोबारी महेश कुमार शर्मा ने कस्टम अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

कारोबारी का दावा है कि उसके ट्रक को रोककर छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। इतना ही नहीं, मोबाइल छीनने, जबरन सरकारी वाहन में बैठाने, कबाड़ लोड कराने और कस्टम कार्यालय में मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

इस मामले में कारोबारी ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी नौतनवा और सीमा शुल्क विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत की प्रतिलिपि भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कस्टम विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

कबाड़ कारोबार को लेकर उठे सवाल

शिकायतकर्ता महेश कुमार शर्मा ने बताया कि वह पिछले 14 वर्षों से कबाड़ का कारोबार कर रहा है। उसके अनुसार, 19 सितंबर की रात कंटेनर ट्रक में चार-पांच बोरी कबाड़ लदा हुआ था। ट्रक नौतनवा बाईपास के पास कांटा कराने जा रहा था, तभी कस्टम अधिकारियों की टीम ने उसे रोक लिया। कारोबारी के मुताबिक, कस्टम टीम माल को डंपिंग सेंटर ले गई और फिर वापस लाई। इस दौरान उस पर अवैध तरीके से काम करने का आरोप लगाया गया। महेश शर्मा ने अपनी शिकायत में दावा किया कि वह जीएसटी नंबर के साथ वैध रूप से व्यापार करता है।

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रकम न देने पर ट्रक सीज करने की बात

कबाड़ कारोबारी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि ट्रक को छोड़ने के बदले उससे डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। रकम नहीं देने पर वाहन सीज किए जाने की बात कहे जाने का भी दावा किया गया है।शिकायतकर्ता का कहना है कि अगले दिन कस्टम विभाग की टीम उसके डंपिंग सेंटर पहुंची और ट्रक में कबाड़ लोड कराया गया। कारोबारी ने यह भी आरोप लगाया कि वह दबाव में कस्टम विभाग को हर महीने 15 हजार रुपये देता आया है।

ये सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावे पर आधारित हैं। इनकी पुष्टि जांच और संबंधित अधिकारियों के पक्ष के बाद ही हो सकेगी।

बिना पढ़े हस्ताक्षर कराने का आरोप

महेश कुमार शर्मा ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि उसका मोबाइल छीन लिया गया और उसे जबरन सरकारी वाहन में बैठाया गया। इसके बाद कस्टम कार्यालय में मारपीट किए जाने और बिना पढ़े एक कागज पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप लगाया गया है। कारोबारी ने मामले में सुरक्षा की मांग करते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। शिकायत में ट्रक मालिक और चालक अजीत सिंह, निवासी हरियाणा, का भी उल्लेख किया गया है।

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70 हजार रुपये मांगने का फोन आने का भी दावा

शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में ट्रक छुड़ाने के लिए 70 हजार रुपये की मांग किए जाने का फोन आया। कारोबारी ने अपने आरोपों के समर्थन में मामले की जांच कराने की मांग की है। फोन कॉल, भुगतान या अन्य साक्ष्यों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत

कबाड़ कारोबारी महेश कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।शिकायत की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी नौतनवा और सीमा शुल्क विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गई है।

Location :  Maharajganj

Published :  23 September 2026, 10:25 AM IST