प्रयागराज के गंगापार इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सरायममरेज थाना क्षेत्र के पिलखिनी गांव में एक महिला पर अपने चार माह के बेटे की ईंट से मारकर हत्या करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि पति से विवाद के बाद महिला ने यह कदम उठाया और शव को रसोईघर में लकड़ियों के ढेर में छिपा दिया।

माता निकली कुमाता
Prayagraj: प्रयागराज के गंगापार इलाके में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। जिस मां की गोद में बच्चा सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, उसी मां पर अपने चार महीने के मासूम बेटे की हत्या करने का आरोप लगा है। घरेलू विवाद की आग इतनी भड़क गई कि एक मासूम की जिंदगी खत्म हो गई। आरोप है कि पति से झगड़े के बाद महिला ने गुस्से में आकर अपने ही बेटे के सिर पर ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दी और फिर सबूत छिपाने के लिए शव को घर के रसोईघर में लकड़ियों के ढेर में छिपा दिया। घटना सामने आते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई और पुलिस ने आरोपी मां को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
यह सनसनीखेज मामला गंगापार इलाके के सरायममरेज थाना क्षेत्र के पिलखिनी गांव का बताया जा रहा है। गांव के पूरे जयसिंह मोहल्ले में रहने वाले संतोष यादव खेती-बाड़ी और मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। संतोष यादव की शादी मनोरमा यादव से हुई थी और दोनों का एक चार माह का बेटा था, जिसका नाम ईश्वर रखा गया था। परिवार के लोग बताते हैं कि घर में अक्सर पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होता रहता था। कभी खाना बनाने को लेकर तो कभी घरेलू कामकाज को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो जाती थी।
परिवार और आसपास के लोगों के मुताबिक पिछले तीन से चार दिनों से पति-पत्नी के बीच झगड़ा ज्यादा बढ़ गया था। दोनों के बीच लगातार तनाव का माहौल बना हुआ था। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसी विवाद के बाद मामला इतना बढ़ गया कि महिला ने गुस्से में एक ऐसा कदम उठा लिया जिसने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।
पुलिस के अनुसार पति से झगड़े के बाद मनोरमा ने अपने चार माह के बेटे ईश्वर की घर के अंदर ही हत्या कर दी। आरोप है कि उसने बच्चे के सिर पर ईंट से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इतना ही नहीं, घटना को छिपाने के लिए महिला ने बच्चे के शव को रसोईघर में रखे लकड़ियों के ढेर के बीच छिपा दिया। इसके बाद वह सामान्य तरीके से अपने कामकाज में जुट गई ताकि किसी को शक न हो।
काफी समय तक जब बच्चे की आवाज सुनाई नहीं दी और वह कहीं दिखाई नहीं पड़ा तो परिवार के लोग चिंतित हो गए। बच्चे के पिता संतोष यादव और अन्य परिजन उसे घर के अलग-अलग हिस्सों में खोजने लगे। जब बच्चे का कहीं पता नहीं चला तो उन्होंने मां मनोरमा से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रही थी और टालमटोल करती रही। इससे परिवार के लोगों की चिंता और बढ़ गई।
बताया जा रहा है कि जब परिवार के लोगों ने लगातार दबाव बनाया और सख्ती से पूछताछ की तो आखिरकार महिला ने बुधवार रात करीब 10 बजे पूरी घटना का खुलासा कर दिया। महिला ने बताया कि उसने गुस्से में आकर अपने बेटे की हत्या कर दी और शव को रसोईघर में लकड़ियों के ढेर में छिपा दिया। यह सुनते ही परिवार के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस गुरुवार सुबह गांव पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी मां को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस मामले में महिला के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है और पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।