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भाई को बचाते डूबीं दो बहनें (Img: AI)
Mau: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र में भाई को बचाने के दौरान सरयू नदी में डूबी दो सगी बहनों के शव तीन दिन बाद बरामद किए गए। दोनों शव घटनास्थल से करीब छह किलोमीटर दूर बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र के मठिया गुलौरा गांव के शिव स्थान के पास मिले। छोटी बहन की पहचान उसके कपड़ों से हुई, जबकि बड़ी बहन का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। पुलिस ने आशंका जताई है कि नदी में मौजूद घड़ियालों की वजह से शव के अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए होंगे।
सीओ मधुबन दिनेशदत्त मिश्रा के मुताबिक, गजियापुर गांव निवासी किसान रामविलास यादव का परिवार एकादशी के अवसर पर सरयू नदी में स्नान करने गया था। परिवार के साथ उनकी पत्नी, दो बेटियां, एक बेटा, भाई का परिवार और गांव के अन्य लोग भी मौजूद थे।
स्नान के दौरान रामविलास का बेटा निर्भय अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए बड़ी बहन प्रियांशु नदी में कूद गई। उसने अपने भाई को सुरक्षित बाहर की ओर धक्का दे दिया, लेकिन खुद तेज बहाव में फंस गई। बड़ी बहन को डूबता देख छोटी बहन प्रतिज्ञा भी उसे बचाने के लिए नदी में उतर गई, लेकिन वह भी गहरे पानी में समा गई।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अपने स्तर पर दोनों बहनों की तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद गोरखपुर की 15 सदस्यीय एसडीआरएफ टीम और पीएसी की 20वीं बटालियन फ्लड यूनिट (आजमगढ़) ने दो स्टीमर की मदद से लगातार तीन दिनों तक सर्च अभियान चलाया।
रविवार को दोनों बहनों के शव घटनास्थल से करीब छह किलोमीटर दूर बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र में बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि छोटी बहन प्रतिज्ञा की पहचान उसकी टी-शर्ट से हुई, जबकि बड़ी बहन प्रियांशु के शव के केवल दोनों पैर ही बरामद हुए। पुलिस का मानना है कि नदी में घड़ियाल होने की वजह से शव का बाकी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया होगा।
प्रियांशु परिवार की बड़ी बेटी थी और बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह ऋषि राम नरेश पीजी कॉलेज, मोलनापुर में पढ़ाई कर रही थी। इसी जून महीने में उसने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा भी दी थी। परिजनों के अनुसार, घटना से दो दिन पहले ही उसने अपने पिता से कहा था कि यदि तैयारी में कुछ और अंक मिल जाते तो उसका चयन पुलिस में हो सकता था।
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हादसे के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा रहा। तीन दिनों तक घर में चूल्हा नहीं जला। पड़ोसियों और ग्राम प्रधान ने परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था की, लेकिन सदमे में डूबे परिजन मुश्किल से एक-दो रोटी ही खा पा रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के पास सीमित खेती है, जिससे मुश्किल से एक फसल हो पाती है। घर में अब एक छोटी बेटी भी है, जो आठवीं कक्षा में पढ़ती है।
मधुबन क्षेत्र में यह पहली ऐसी घटना नहीं है। इससे पहले जुलाई 2025 में भी घाघरा नदी में दो बहनें अपने भाई को बचाने के दौरान डूब गई थीं। उस हादसे में भी दोनों बहनों के शव तीन दिन बाद कई किलोमीटर दूर बरामद हुए थे।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है। पूरे इलाके में इस दर्दनाक हादसे के बाद शोक का माहौल है।
Location : Mau
Published : 28 June 2026, 2:09 PM IST