चित्रकूट में चोरों की बड़ी वारदात! कोतवाली से 500 मीटर दूर छह ताले काटे, तीन अलमारियां तोड़ीं

चित्रकूट जिला मुख्यालय में कोतवाली से करीब 500 मीटर दूर स्थित मकान में लाखों की चोरी हुई। चोर छह ताले काटकर अंदर घुसे और तीन अलमारियां तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और एटीएम कार्ड ले गए। पीड़ित परिवार ने पुलिस की रात्रि गश्त और घटनास्थल से फिंगरप्रिंट नहीं लिए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 28 October 2026, 4:01 PM IST

Chitrakoot: चित्रकूट में चोरों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए जिला मुख्यालय के बीचों-बीच लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस मकान को निशाना बनाया गया, वह कोतवाली से महज 500 मीटर दूर बताया जा रहा है। चोर कटर से छह ताले काटकर घर में घुसे और तीन अलमारियां तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और एटीएम कार्ड लेकर फरार हो गए। पीड़ित परिवार के मुताबिक चोरी गए सामान की कीमत करीब तीन से चार लाख रुपये है।

छह ताले काटकर घर में घुसे चोर

चित्रकूट जिला मुख्यालय में हुई इस चोरी की वारदात ने आसपास के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक, चोरों ने मकान में घुसने के लिए एक-दो नहीं, बल्कि छह तालों को कटर से काटा। इसके बाद घर के अंदर रखी तीन अलमारियों को हथौड़े और कटर की मदद से तोड़ दिया। चोरों ने अलमारियों में रखे जेवरात, नकदी और एटीएम कार्ड पर हाथ साफ कर दिया।

पीड़ित परिवार के अनुसार, चोरी हुए सामान में तीन से चार जोड़ी पायल, सोने की चेन, अंगूठी, नथ और करीब तीन से चार हजार रुपये नकद शामिल हैं। परिवार ने चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग तीन से चार लाख रुपये बताई है। हालांकि, चोरी गए सामान की अंतिम कीमत और पूरी सूची की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

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प्रयागराज में रहती हैं पीड़ित महिला

पीड़ित महिला वंदना सिंह ने बताया कि वह प्रयागराज में रहती हैं। उनके मुताबिक, 28 तारीख की रात चोर मकान में घुसे और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सुबह करीब छह बजे परिवार को घटना की जानकारी हुई। परिवार के मुताबिक, यह मकान उनके ससुर का है। वह पहले खंडवा में नौकरी करते थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। करीब 15 दिन पहले वह यहां से गए थे। ऐसे में मकान में परिवार की नियमित मौजूदगी नहीं थी। चोरों ने इसी दौरान घर को निशाना बनाया।

दूसरी जगह रखा गया था सामान

बताया गया है कि मकान के बगल में पीड़ित परिवार के ससुर के भाई के घर में बेसमेंट का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के कारण कमरे का सामान 25 तारीख को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया था। इसी दौरान मकान और उसके आसपास की स्थिति में बदलाव हुआ था। परिवार के दामाद के मुताबिक, वह सुबह करीब पौने छह बजे निर्माणाधीन मकान को देखने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें मुख्य गेट का ताला खुला दिखाई दिया। शक होने पर वह अंदर गए तो घर में सामान बिखरा पड़ा था। जब उन्होंने बारीकी से जांच की, तो छह ताले कटे हुए मिले और तीन अलमारियां टूटी हुई थीं।

चित्रकूट में चोरों की बड़ी वारदात! (IMG: Dynamite News)

घटनास्थल से फिंगरप्रिंट नहीं लेने का आरोप

चोरी की इस घटना के बाद पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित महिला वंदना सिंह का आरोप है कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल से अब तक फिंगरप्रिंट नहीं लिए गए। उनका यह भी कहना है कि डॉग स्क्वायड को मौके पर नहीं बुलाया गया। पीड़िता के मुताबिक, अगर घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए जाते, तो चोरों की पहचान और उनके भागने की दिशा से जुड़े सुराग मिल सकते थे। हालांकि, घटनास्थल पर पुलिस ने कौन-कौन सी जांच की है और फॉरेंसिक टीम को बुलाने की स्थिति क्या रही, इस बारे में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

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कोतवाली, बैंक और ट्रैफिक चौराहे के पास वारदात

इस घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल मकान की लोकेशन को लेकर उठ रहा है। बताया जा रहा है कि चोरी वाला मकान कोतवाली से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। आसपास इंडियन बैंक, एलआईसी कार्यालय और ट्रैफिक चौराहा जैसे प्रमुख स्थान भी हैं। ऐसे इलाके में चोरों का छह ताले काटना और तीन अलमारियां तोड़कर सामान लेकर फरार हो जाना पुलिस की रात्रि गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। परिवार और स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी वारदात की भनक पुलिस को क्यों नहीं लगी।

सामान की बरामदगी चाहती है पीड़िता

पीड़ित परिवार ने पुलिस से जल्द चोरी का खुलासा करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और चोरी गया सामान बरामद कराने की मांग की है। परिवार की ओर से थाने में तहरीर दिए जाने की बात भी कही गई है। पुलिस ने जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक परिवार को एफआईआर की प्रति नहीं मिली थी। ऐसे में अब पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है। फिलहाल, चोरी के आरोपियों की गिरफ्तारी, सामान की बरामदगी और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

Location :  Chitrakoot

Published :  28 October 2026, 4:01 PM IST