छात्रा को परीक्षा प्रश्नपत्र दिलाने का झांसा देकर की गंदी बातें, आरोपी प्रोफेसर सस्पेंड

लखनऊ विश्वविद्यालय में बीएससी छात्रा को परीक्षा प्रश्नपत्र लीक कराने का लालच देकर अशोभनीय बातें करने के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है। जांच समिति ने वायरल ऑडियो, शिकायतों और सबूतों के आधार पर आरोप सही पाए। विश्वविद्यालय ने 15 दिन में शिक्षक से लिखित जवाब मांगा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 May 2026, 11:47 AM IST

Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय में बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा को पेपर लीक कराने का लालच देकर अशोभनीय बातें करने के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कार्रवाई तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय अनुशासन समिति की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर की है। रिपोर्ट में शिक्षक पर लगे गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं।

कार्यपरिषद की आपात बैठक में लिया गया फैसला

विश्वविद्यालय के कुलपति JP Saini की अध्यक्षता में कार्यपरिषद की आपात बैठक बुलाई गई थी। बैठक में अनुशासन समिति की रिपोर्ट पेश की गई, जिसके बाद आरोपी शिक्षक के निलंबन पर मुहर लगा दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा और परीक्षा की पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

वायरल ऑडियो और शिकायतों के बाद हुई जांच

मामले की जांच के दौरान वायरल ऑडियो क्लिप्स, छात्रा की लिखित और मौखिक शिकायतों के साथ-साथ आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की ओर से जुटाए गए तथ्यों को आधार बनाया गया। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी शिक्षक ने छात्रा को परीक्षा प्रश्नपत्र लीक कराने का प्रलोभन दिया और इसी बहाने उससे आपत्तिजनक बातचीत की। समिति ने इसे छात्रा के यौन और मानसिक उत्पीड़न की श्रेणी में माना है।

विश्वविद्यालय की साख को नुकसान पहुंचाने का आरोप

अनुशासन समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी शिक्षक का आचरण विश्वविद्यालय की गरिमा और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने वाला है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि मामला कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े विशाखा गाइडलाइंस और यूजीसी विनियम 2015 का उल्लंघन करता है। साथ ही परीक्षा संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने की बात भी गंभीर अनियमितता मानी गई है।

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15 दिन में मांगा गया जवाब

विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. परमजीत सिंह को आरोप पत्र जारी करते हुए 15 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आरोपी शिक्षक के खिलाफ सेवा समाप्ति सहित कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। विश्वविद्यालय ने कहा कि परिसर में सुरक्षित और निष्पक्ष शैक्षणिक माहौल बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।

Location :  Lucknow

Published :  20 May 2026, 11:47 AM IST