नेपाल से नागपुर तक भागी श्रद्धा, अब पुलिस ने क्यों नहीं मांगी कस्टडी रिमांड? शिवा शर्मा केस में नया सवाल

लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। 10 दिन की हिरासत पूरी होने के बाद भी पुलिस ने कस्टडी रिमांड नहीं मांगी। पुराने मोबाइल फोन और फरार होने में मदद करने वालों को लेकर जांच में कई सवाल बने हुए हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 31 October 2026, 6:44 PM IST
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Lucknow: करोड़पति कारोबारी और कैफे मालिक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में लखनऊ पुलिस की जांच एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जिस हत्याकांड में मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को गिरफ्तार किया गया था, उसमें पुलिस ने 10 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद भी आरोपियों की कस्टडी नहीं मांगी। शनिवार को तीनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस की ओर से कस्टडी रिमांड की अर्जी नहीं दिए जाने पर अदालत ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

न्यायिक हिरासत के बाद फिर जेल भेजे गए आरोपी

श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश की 10 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेशी हुई। तीनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के सामने पेश किया गया। इस दौरान उम्मीद जताई जा रही थी कि लखनऊ पुलिस आरोपियों से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग करेगी।हालांकि, पुलिस ने अदालत में कस्टडी रिमांड की अर्जी दाखिल नहीं की। इसके बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोबारा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस की ओर से रिमांड नहीं मांगे जाने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

फ्लैट से गिरकर हुई थी शिवा शर्मा की मौत

लखनऊ के हजरतगंज इलाके में बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में 9 अक्टूबर 2026 की रात कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बताया गया कि शिवा शर्मा अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर स्थित फ्लैट से नीचे गिर गए थे। यह फ्लैट रायबरेली की रहने वाली मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे का बताया गया।

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नागपुर में पकड़ी गई श्रद्धा

पुलिस के सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद श्रद्धा दुबे अपनी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश के साथ नेपाल पहुंच गई थी। वहां से उसकी दुबई भागने की योजना थी। हालांकि, यह योजना सफल नहीं हो सकी और उसे वापस लौटना पड़ा। इसके बाद श्रद्धा लखनऊ आई और मीडिया के सामने अपना बयान भी दिया। लेकिन कुछ समय बाद वह फिर से फरार हो गई। इस घटनाक्रम के बाद यूपी एसटीएफ की टीम सक्रिय हुई और उसकी तलाश शुरू की गई।

पुलिस कस्टडी रिमांड नहीं मांगने पर क्यों उठ रहे सवाल?

इस हत्याकांड में पुलिस कस्टडी रिमांड को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। गिरफ्तारी के समय पुलिस के सामने कई सवाल थे, जिनके जवाब आरोपियों से पूछताछ के जरिए मिलने की उम्मीद थी। खासकर श्रद्धा के फरार होने, नेपाल जाने, दुबई भागने की योजना और नागपुर तक पहुंचने में उसकी मदद करने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाना जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा था। पुलिस ने गिरफ्तारी के समय पूछताछ में सहयोग नहीं मिलने की बात कही थी। ऐसे में उम्मीद थी कि न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने पर पुलिस अदालत से आरोपियों की कस्टडी मांगेगी। लेकिन शनिवार को ऐसा नहीं हुआ।

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आरोपियों के बयान दर्ज करने भी नहीं पहुंची पुलिस?

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण सवाल आरोपियों से पूछताछ को लेकर उठ रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा दुबे, रश्मि और दानिश पिछले 10 दिनों से जेल में बंद थे। इस दौरान पुलिस उनके बयान दर्ज करने के लिए जेल नहीं पहुंची। दूसरी ओर, जांच में श्रद्धा के पुराने मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के समय श्रद्धा के पास से जो मोबाइल फोन मिला था, वह फॉर्मेट किया हुआ था। ऐसे में पुलिस को उससे पुराने डेटा और बातचीत से जुड़ी जानकारी हासिल करने में परेशानी हो सकती है।

पुलिस को अब तक नहीं मिला अहम सुराग

श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक नया मोबाइल फोन बरामद हुआ था। पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने उसके पुराने मोबाइल फोन के बारे में जानकारी मांगी तो उसने बताया कि नेपाल में कहीं उसका फोन गिर गया था। हालांकि, पुलिस का दावा है कि श्रद्धा ने पुराने मोबाइल फोन को तोड़कर कहीं फेंक दिया था। पुलिस इस मोबाइल फोन को जांच की अहम कड़ी मान रही थी। दरअसल, जांच टीम इसी फोन के जरिए श्रद्धा के उन संपर्कों तक पहुंचना चाहती थी, जिन्होंने कथित तौर पर उसे फरार होने में मदद की थी। पुलिस को शक है कि नेपाल जाने, वहां से दुबई भागने की योजना बनाने, फिर लखनऊ लौटने और नागपुर पहुंचने के दौरान कुछ लोगों ने उसकी मदद की थी।

Location :  Lucknow

Published :  31 October 2026, 6:44 PM IST

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