पाकिस्तान के ‘हनी ट्रैप’ में फंसा भारतीय वायु सेना का अधिकारी, दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

भारतीय वायु सेना का एक विंग कमांडर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के 'हनी ट्रैप' में फंसकर दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 8 August 2026, 12:13 PM IST

New Delhi: भारतीय वायु सेना का एक अधिकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के 'हनी ट्रैप' में फंस गया। खुफिया जानकारी साझा करने के आरोप में विंग कमांडर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां ​​इस मामले की जांच कर रही हैं।

निगरानी के बाद गिरफ्तारी

भारतीय वायु सेना के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अधिकारी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था। जांच के दौरान मिली खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई और बाद में उसे संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया।

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इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए वायु सेना ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और गोपनीय जानकारी के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी और ज़रूरी उपाय किए जा रहे हैं।

गोपनीय रक्षा दस्तावेज साझा करने का आरोप

दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि विंग कमांडर पर रक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी और दस्तावेज़ साझा करने का आरोप है। इस मामले में 'ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट' के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, अधिकारी अभी न्यायिक हिरासत में है। जांच एजेंसियां ​​यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कितनी संवेदनशील जानकारी साझा की गई और इस ऑपरेशन में कौन-कौन लोग शामिल थे।

डेटा-चोरी करने वाला सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने का आरोप

जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मामला सिर्फ जानकारी साझा करने तक ही सीमित नहीं है। आरोप है कि अधिकारी ने एक सहयोगी के मोबाइल फ़ोन पर ऐसा सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने की कोशिश की, जिसे डेटा निकालने और डिवाइस पर कंट्रोल पाने के लिए बनाया गया था।

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वायु सेना की खुफिया विंग से मिली जानकारी के बाद दिल्ली पुलिस को इस मामले के बारे में बताया गया। इसके बाद कार्रवाई की गई और अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसियां ​​अभी पूरे नेटवर्क और अधिकारी के संपर्कों की जांच कर रही हैं।

पिछले साल भी आया था ऐसा ही मामला

पिछले साल राजस्थान में भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से जुड़ा 'हनी ट्रैप' का ऐसा ही मामला सामने आया था। अलवर के रहने वाले मंगत सिंह को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

राजस्थान पुलिस के अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद की गई निगरानी के दौरान उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। आरोप था कि वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की एक महिला हैंडलर के संपर्क में था। खबरों के मुताबिक, महिला ने 'ईशा शर्मा' के फर्जी नाम से उससे संपर्क किया और सहयोग के बदले पैसे का लालच देकर उसे फंसाया। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लोगों को निशाना बनाने की कोशिशें सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

Location :  New Delhi

Published :  8 August 2026, 12:08 PM IST