‘भौकाल’ दिखाना पड़ा भारी! हूटर बजाती कार के पीछे दौड़ी पुलिस, सिकरीगंज में ऐसे सिखाया सबक

गोरखपुर के सिकरीगंज इलाके में हूटर बजाकर सड़क पर रौब दिखाना एक कार चालक को भारी पड़ गया। पुलिस की नजर वाहन पर पड़ी तो उसे रोकने की कोशिश हुई, लेकिन कार आगे बढ़ गई। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर वाहन पकड़ लिया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 August 2026, 1:13 PM IST

Gorakhpur: केंद्र सरकार व उत्तर प्रदेश शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद गोरखपुर जिले के सिकरीगंज, खजनी, गोला और बड़हलगंज क्षेत्र में निजी वाहनों पर हूटर लगाकर चलने का चलन पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है। महंगी और लग्जरी कारों पर हूटर लगाकर कुछ लोग ग्रामीण इलाकों में रौब जमाने के साथ खुद को प्रभावशाली दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

हूटर की आवाज सुनकर कई बार ग्रामीण वाहन को किसी अधिकारी या वीआईपी का वाहन समझ लेते हैं, जिससे आम लोगों में भ्रम की स्थिति भी पैदा होती है।

पुलिस ने हूटर लगी कार पर की कार्रवाई

इसी तरह के एक मामले में सिकरीगंज पुलिस ने हूटर लगी कार को पकड़कर कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र में हूटर बजाती एक कार दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार आगे बढ़ती रही। इसके बाद पुलिस टीम ने पीछा कर वाहन को पकड़ लिया। जांच में कार पर हूटर लगा मिला। पुलिस ने वाहन का चालान करने के साथ हूटर उतरवा दिया।

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क्या है हूटर को लेकर गाइडलाइन?

केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत सामान्य निजी वाहनों में ऐसे बहु-ध्वनि वाले हूटर या सायरन का इस्तेमाल मनमाने ढंग से नहीं किया जा सकता। मोटर व्हीकल ड्राइविंग रेगुलेशन में भी आपातकालीन सेवाओं के लिए निर्धारित वाहनों के सायरन के इस्तेमाल को आपात स्थिति से जोड़ा गया है।

नियमों के मुताबिक पुलिस, फायर सर्विस और एंबुलेंस जैसे आपातकालीन सेवा वाहनों में भी मल्टी-टोन हॉर्न/सायरन का प्रयोग संबंधित आपात स्थिति में ही किया जाना चाहिए। यानी सिर्फ महंगी कार, किसी पदाधिकारी से परिचय या सामाजिक रसूख के आधार पर निजी वाहन में हूटर लगाकर चलना अधिकार नहीं बन जाता। सड़क पर हूटर बजाकर रास्ता खाली कराना या आम राहगीरों पर प्रभाव जमाना नियमों की भावना के विपरीत है।

कुछ लोग हूटर को समझते हैं स्टेसट सिंबल

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में हूटर अब कुछ लोगों के लिए स्टेटस सिंबल जैसा बन गया है। गांव में किसी कार्यक्रम, निजी काम या अन्य वजह से पहुंचने वाले लोग हूटर बजाते हुए निकलते हैं। इससे राहगीरों और दूसरे वाहन चालकों पर अनावश्यक दबाव बनता है। कई बार लोग यह समझ नहीं पाते कि हूटर बजाने वाला वाहन वास्तव में किसी आपात सेवा या अधिकृत सरकारी कार्य से जुड़ा है अथवा केवल दिखावे के लिए हूटर लगाया गया है।

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सिकरीगंज पुलिस की कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहता है या नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल चालान तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय अनधिकृत हूटर तत्काल उतरवाए जाने के साथ नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर लगातार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सड़क पर ‘भौकाल’ दिखाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगे। सिकरीगंज थानाध्यक्ष आशीष दुबे ने बताया कि हूटर लगी कार पकड़ी गई थी। वाहन का चालान कर हूटर उतरवा दिया गया है।

Location :  Gorakhpur

Published :  24 August 2026, 1:13 PM IST