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साइबर ठगी के 4.09 करोड़ के काले खेल का पर्दाफाश (Img: Dynamite News)
Gorakhpur: साइबर ठगी की रकम को म्यूल बैंक खातों में मंगाकर नकदी निकालने और फिर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश भेजने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का गोरखपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर क्राइम सेल और चिलुआताल पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, 34 म्यूल बैंक खातों से जुड़े मामलों में 14 राज्यों से कुल 4 करोड़ 9 लाख 11 हजार 738 रुपये की साइबर ठगी की शिकायतें सामने आई हैं।
पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में पुलिस अधीक्षक अपराध अयोध्या प्रसाद सिंह और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी कैंट एवं अपराध अरुणकुमार सिंह ने मामले का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपियों में महराजगंज के नौतनवा निवासी नवनीत पाण्डेय उर्फ आदेश पाण्डेय, चंदौली निवासी आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, गोरखपुर के राजघाट क्षेत्र निवासी रवि वर्मा, एम्स थाना क्षेत्र निवासी प्रज्ञा रतन और चिलुआताल के करीमनगर निवासी मकसूद आलम खान शामिल हैं।
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जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य लोगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले कमीशन का लालच देते थे। खाताधारकों से पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक लेकर इन खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाई जाती थी। रकम पहुंचते ही एटीएम और चेक के जरिए नकदी निकाली जाती थी। इसके बाद कमीशन काटकर शेष रकम को विदेशी एजेंटों के माध्यम से यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता और निर्धारित डिजिटल वॉलेट तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में अलग-अलग सदस्यों की भूमिका तय थी। कोई म्यूल खाते उपलब्ध कराने और नकदी निकलवाने का काम करता था तो कोई रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलवाकर आगे भेजता था। जांच में सामने आई शिकायतें बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से जुड़ी हैं।
आरोपियों के कब्जे से 13 लाख 76 हजार 700 रुपये नकद, 22 एटीएम कार्ड, पांच मोबाइल, एक लैपटॉप, तीन चेकबुक, तीन पासबुक, दो फर्जी मुहर, कैश काउंटिंग मशीन, 4,710 रुपये नेपाली मुद्रा, एक चार पहिया वाहन और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
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बरामदगी के आधार पर चिलुआताल थाने में मुकदमा दर्ज कर बीएनएस की धाराओं 317(4), 317(5), 338 व 336(3) और आईटी एक्ट की धारा 66सी और 66डी के तहत कार्रवाई की गई है। कृष्णा शर्मा, दिव्यांशु शेखर शुक्ल, आदर्श द्विवेदी, विदित और गोविंद वर्मा को वांछित बताया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, विदेशी एजेंटों, रकम के वास्तविक स्रोत और उसके अंतिम डिजिटल गंतव्य की पड़ताल कर रही है।
Location : Gorakhpur
Published : 9 October 2026, 5:09 PM IST