
गाजियाबाद में बड़े गैंग का खुलासा (Img: Dynamite News)
Ghaziabad: चलती कार को ही अवैध क्लीनिक बनाकर भ्रूण लिंग जांच और उसके बाद गर्भपात कराने वाले गैंग का गाजियाबाद में पर्दाफाश हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग गाजियाबाद, दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में घूम-घूमकर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण का लिंग बताता था। अगर परिवार की इच्छा होती तो महिला को एक अस्थायी निजी नर्सिंग होम ले जाकर अवैध गर्भपात भी कराया जाता था।
शनिवार देर रात सीएमओ को इस अवैध गतिविधि की सूचना मिली। जिसके बाद नोडल अधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित की गई। कोतवाली पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर थाना क्षेत्र में कार संख्या UP14 FL 9355 को रोककर जांच की गई। तलाशी के दौरान कार में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन मिली। पुलिस ने संदीप, सलमान, शाहिद और तस्लीम को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अवैध भ्रूण लिंग जांच का नेटवर्क चलाने की बात स्वीकार की।
कोतवाली थाना प्रभारी सचिन बालियान ने बताया कि आरोपी कार के अंदर ही अल्ट्रासाउंड कर भ्रूण का लिंग बताते थे। इसके लिए महिलाओं से 8 से 10 हजार रुपये तक वसूले जाते थे, जबकि संपन्न परिवारों से इससे भी अधिक रकम ली जाती थी। यदि कोई महिला गर्भपात कराना चाहती थी तो उसे एक अस्थायी नर्सिंग होम में ले जाकर झोलाछाप डॉक्टरों की मदद से गर्भपात कराया जाता था। आरोपियों ने बताया कि लिंग जांच से लेकर गर्भपात तक का पूरा पैकेज करीब 20 हजार रुपये में दिया जाता था।
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पूछताछ में संदीप ने बताया कि गिरोह सामान्य फोन कॉल का इस्तेमाल नहीं करता था। पुलिस की नजर से बचने के लिए केवल व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क किया जाता था और बातचीत के बाद कॉल रिकॉर्ड व चैट डिलीट कर दी जाती थी। सलमान महिलाओं से संपर्क करने और उन्हें नेटवर्क से जोड़ने का काम करता था। स्वास्थ्य विभाग की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
Location : Ghaziabad
Published : 5 July 2026, 1:54 PM IST
Topics : crime news ghaziabad news Health Department