छुट्टी से लौटकर ड्यूटी पर गया था आशीष, फिर थाने में हो गई मौत; पिता बोले- इस बार कुछ बदला-बदला था बेटा

हापुड़ के धौलाना थाने में रविवार को पहरा ड्यूटी कर रहे 22 वर्षीय सिपाही आशीष वर्मा ने अपनी सरकारी राइफल से खुद को गोली मार ली। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आशीष वर्ष 2025 में पुलिस में भर्ती हुआ था। परिवार के मुताबिक, छुट्टी के दौरान उसका व्यवहार बदला हुआ था और वह गुमसुम रहता था।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 13 September 2026, 7:04 PM IST

Hapur: हापुड़ के धौलाना थाने में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पहरा ड्यूटी कर रहे 22 वर्षीय सिपाही आशीष वर्मा ने अपनी सरकारी राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली गले में लगने से सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

ड्यूटी के दौरान अचानक चली गोली

आशीष वर्मा मूल रूप से फतेहाबाद के निबोहरा थाना क्षेत्र के हीरापुरा गांव का रहने वाला था। वह त्रिभुवननाथ का बेटा था। वर्ष 2025 में पुलिस विभाग में भर्ती होने के बाद प्रशिक्षण पूरा किया और इसके बाद उसकी तैनाती हापुड़ जिले के धौलाना थाने में हुई थी। रविवार सुबह करीब 11 बजे आशीष थाने में पहरा ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान उसने अपनी सरकारी एसएलआर राइफल से गले में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे।

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घटनास्थल का निरीक्षण, जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने थाने पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सिपाही की मानसिक स्थिति और हाल के दिनों की परिस्थितियां कैसी थीं।

छुट्टी में घर आया था आशीष

आशीष के पिता त्रिभुवननाथ ने बताया कि उनका बेटा मिलनसार स्वभाव का था। वह 16 अगस्त को छुट्टी पर घर आया था और तीन सितंबर को वापस ड्यूटी पर गया था। पिता के मुताबिक, इस बार छुट्टी के दौरान आशीष पहले की तरह दोस्तों और परिचितों से मिलने-जुलने नहीं गया। वह ज्यादातर समय गुमसुम रहता था। परिवार ने उससे इसका कारण जानने की कोशिश भी की, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया।

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परिवार को मिली थी नई उम्मीद

वर्ष 2025 में आशीष के पुलिस विभाग में भर्ती होने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उसकी तैनाती हापुड़ के धौलाना थाने में हुई थी। परिवार को उम्मीद थी कि आशीष नौकरी में आगे बढ़ेगा और घर की जिम्मेदारियों में पिता का सहारा बनेगा। लेकिन रविवार को धौलाना थाने से आई उसकी मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया।

Location :  Hapur

Published :  13 September 2026, 7:04 PM IST