आपने गंदे वीडियो देखे हैं…केस दर्ज हो रहा है; सुनते ही कांप गई महिला, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल

एक महिला के साथ साइबर ठगी की ऐसी कहानी सामने आई है जिसने हर किसी को चौंका दिया है। खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर फोन करने वाले ठगों ने डर का ऐसा जाल बिछाया कि महिला ने लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 June 2026, 4:00 PM IST

Ambikapur: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक ऐसी साइबर ठगी सामने आई है, जिसने लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। मार्च 2026 में अजिरमा इलाके की एक महिला को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और गंभीर आरोप लगाकर उसे डराना शुरू कर दिया।

“क्राइम ब्रांच अफसर” बनकर डर का खेल

फोन पर आरोपी ने कहा कि महिला ने इंटरनेट पर आपत्तिजनक वीडियो देखे हैं और उसके खिलाफ केस दर्ज हो रहा है। आवाज में सख्ती और धमकी का ऐसा मिश्रण था कि महिला घबरा गई। ठग ने बार-बार कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी होगी और केस “सेटल” करने के नाम पर पैसे भेजने होंगे। लगातार मानसिक दबाव में आकर महिला ने बिना जांच-पड़ताल के बातों पर भरोसा कर लिया।

4.5 लाख की ठगी और डिजिटल ट्रेल

डर और घबराहट के बीच महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। कुछ ही घंटों और दिनों में उसके खाते से करीब 4.50 लाख रुपये निकाल लिए गए। ठगों ने पूरी रकम को कई खातों में घुमाकर डिजिटल ट्रैक को जटिल बना दिया, ताकि पकड़ से बचा जा सके। बाद में जब महिला को एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुकी है, तो उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।

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पुलिस जांच और टीकमगढ़ में गिरफ्तारी

शिकायत दर्ज होने के बाद छत्तीसगढ़ की गांधीनगर पुलिस और साइबर सेल ने जांच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट की मदद से पुलिस ने पैसे की ट्रेल को ट्रेस किया। जांच का सुराग मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ तक पहुंचा। वहां छापेमारी कर पुलिस ने तीन आरोपियों, काशीराम अहिरवार, पन्नालाल यादव और अभिलाषा अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने ठगी की बात स्वीकार कर ली।

साइबर ठगी का बढ़ता खतरा

पुलिस का कहना है कि इस तरह के साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां ठग खुद को कभी क्राइम ब्रांच, कभी साइबर सेल या जांच एजेंसी बताकर लोगों को डराते हैं। डर का माहौल बनाकर वे पीड़ितों से तुरंत पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। अधिकारियों ने साफ कहा है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर इस तरह धमकी देकर पैसे नहीं मांगती।

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नेटवर्क बड़ा होने की आशंका

फिलहाल पुलिस को शक है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। साइबर सेल अब इस गिरोह से जुड़े अन्य खातों और लोगों की तलाश में जुट गई है, ताकि पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

Location :  Ambikapur

Published :  6 June 2026, 4:00 PM IST