आखिर चंदौली में मनरेगा को लेकर क्यों छिड़ा विवाद? 70 प्रधानों के एकजुट होते ही BDO के खिलाफ मोर्चा

चंदौली के चकिया विकासखंड में मनरेगा कार्यों को लेकर करीब 70 ग्राम प्रधानों ने बैठक कर नाराजगी जताई। प्रधानों ने बीडीओ पर कार्यों की आईडी और लेबर डिमांड जारी नहीं करने का आरोप लगाया। समाधान नहीं होने पर 80-90 प्रधानों के साथ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 13 August 2026, 10:31 AM IST
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Chandauli: चंदौली के चकिया विकासखंड में मनरेगा और जी-रामजी के तहत चल रहे कार्यों को लेकर ग्राम प्रधानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को विकासखंड परिसर में करीब 70 ग्राम प्रधानों ने बैठक कर अपनी समस्याओं पर चर्चा की। प्रधानों ने बीडीओ पर कार्यों की आईडी और लेबर डिमांड जारी नहीं करने का आरोप लगाया।

70 ग्राम प्रधानों ने की बैठक

चकिया विकासखंड के 89 गांवों से जुड़े ग्राम प्रधानों में मनरेगा कार्यों को लेकर असंतोष है। इसी को लेकर विकासखंड परिसर में प्रधानों की बैठक आयोजित हुई। प्रधानसंघ अध्यक्ष रामलाल यादव के नेतृत्व में हुई बैठक में करीब 70 प्रधान शामिल हुए।

प्रधानों ने आरोप लगाया कि कार्यों की आईडी और लेबर डिमांड जारी नहीं होने के कारण गांवों में मनरेगा से जुड़े विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

बीडीओ पर लगाए लापरवाही के आरोप

ग्राम प्रधानों का आरोप है कि बीडीओ की कथित लापरवाही के चलते जी-रामजी के तहत स्वीकृत कार्यों को सुचारू रूप से संचालित नहीं किया जा पा रहा है। प्रधानों ने कहा कि मजदूरों की लेबर डिमांड जारी नहीं होने से काम शुरू कराने में दिक्कत आ रही है।

प्रधानों ने मांग की कि जल्द से जल्द लेबर डिमांड जारी की जाए, ताकि गांवों में मनरेगा और जी-रामजी के कार्यों को गति मिल सके।

बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

बैठक के बाद प्रधानों का समूह बीडीओ अनिल राय के पास पहुंचा और अपनी मांगों से संबंधित विज्ञप्ति सौंपी। प्रधानों ने अधिकारियों से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की।

प्रधानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के कार्य रोजगार के साथ-साथ गांवों के विकास से भी जुड़े हैं। ऐसे में तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर आ रही दिक्कतों का जल्द समाधान जरूरी है।

समाधान नहीं हुआ तो जिले पर प्रदर्शन

प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 80 से 90 ग्राम प्रधानों के साथ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रधानसंघ ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग जी-रामजी के तहत चल रहे कार्यों को बाधारहित तरीके से शुरू कराना और मजदूरों के लिए लेबर डिमांड जारी करना है।

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89 गांवों का मामला, बढ़ सकता है विवाद

चकिया विकासखंड के 89 गांवों से जुड़ा यह मामला अब तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। करीब 70 प्रधानों के एकजुट होने के बाद प्रशासन के सामने समस्या के समाधान की चुनौती है।

प्रधानों ने कहा कि वे गांवों में विकास कार्य प्रभावित नहीं होने देंगे और जरूरत पड़ी तो उच्च अधिकारियों के सामने अपनी बात रखेंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद का समाधान किस तरह करता है।

Location :  Chandauli

Published :  13 August 2026, 10:31 AM IST

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