Budaun News: 112 पर गूंजी एक बेबस पुकार और हरकत में आई बदायूं पुलिस, जानिए उस खौफनाक रात की पूरी कहानी

बदायूं के सिविल लाइंस क्षेत्र में पुलिस की मुस्तैदी से एक परिवार सुरक्षित बच गया। देर रात घर में घुसे उपद्रवियों ने ताला लगाकर परिवार को बंधक बनाने की कोशिश की। सूचना पर पहुंची 112 और स्थानीय पुलिस टीम ने सूझबूझ से कार्रवाई करते हुए मां, बच्चों व बुजुर्ग को सुरक्षित निकाला।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 August 2026, 5:17 PM IST

Budaun: बदायूं में पुलिस की सूझबूझ और समय पर की गई कार्रवाई से एक परिवार को बड़ी अनहोनी से बचा लिया गया। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 1 अगस्त की रात को एक घर में 10-15 अराजक तत्वों के छिपे होने और गेट पर ताला लगाकर परिवार को बंधक बनाने की कोशिश का मामला सामने आया। पीड़िता की 112 पर सूचना के बाद थाना अध्यक्ष हरिंदर सिंह और मैकूलाल चौकी इंचार्ज डॉ. दिनेश शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और करीब 5 घंटे तक चले घटनाक्रम में मां, दो छोटे बच्चों और बुजुर्ग मां को सुरक्षित बाहर निकाला।

क्या हुआ उस रात

पीड़िता के अनुसार रात करीब 10:30 बजे उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। घर के गार्ड महेंद्र अपनी पत्नी के साथ खाना लेने बाहर गए थे। इसी बीच आरोप है कि रितिका वेलिंगटन ने कमरे में 10-15 लोगों को छिपा लिया और मेन गेट पर ताला लगा दिया।

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पीड़िता ने बताया कि गेट खुलवाने के लिए गार्ड और उन्होंने मोहिनी वेलिंगटन और रितिका वेलिंगटन को फोन किया, लेकिन दोनों के फोन बंद मिले। आरोप है कि गेट न खोलने के पीछे मंशा लूटपाट और परिवार को नुकसान पहुंचाने की थी।

पीड़िता ने 112 पर किया कॉल

परिस्थिति बिगड़ती देख पीड़िता ने 112 नंबर पर कॉल की। पहली बार पुलिस के पहुंचने पर भी गेट नहीं खुला। इसके बाद ताला तोड़कर जैसे ही पीड़िता बाहर निकली, अंदर से दोबारा ताला लगा दिया गया। उस समय घर में केवल पीड़िता की बुजुर्ग मां और 8 व 10 साल के दो बेटे मौजूद थे।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

सूचना मिलते ही मैकूलाल चौकी इंचार्ज डॉ. दिनेश शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक रितिका और उसके साथियों से बातचीत कर हालात सामान्य करने की कोशिश की। बच्चों और बुजुर्ग की दलील भी दी गई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।

हाथापाई पर उतरे लोग

स्थिति गंभीर होते देख सिविल लाइंस थाना अध्यक्ष हरिंदर सिंह महिला पुलिस बल के साथ पहुंचे। धक्का देकर गेट खुलवाया गया और पीड़िता व उनके बेटे को सुरक्षित अंदर पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार जैसे ही रितिका और शीतल ने हमला करने की कोशिश की महिला पुलिस ने उन्हें काबू किया। इसी दौरान अंदर छिपे 4-5 लोग बाहर आकर हाथापाई पर उतारू हुए। थाना अध्यक्ष ने सख्ती दिखाते हुए कई लोगों को हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठाया।

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रात लगभग 3 बजे फिर से 10-15 लोगों को कैंपस में बुलाए जाने की जानकारी पर पीड़िता ने दोबारा 112 को कॉल किया। 112 टीम और चौकी पुलिस तुरंत पहुंची और परिसर में घूम रहे लोगों को चेतावनी देकर शांत कराया। इसके बाद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

परिवार के साथ हो सकती थी बड़ी घटना

पीड़िता ने कहा कि यदि थाना अध्यक्ष हरिंदर सिंह, डॉ. दिनेश शर्मा और 112 व कोबरा पुलिस की टीम समय पर सक्रिय नहीं होती तो उनके परिवार के साथ कोई बड़ी घटना हो सकती थी। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरी टीम को उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया जाए।

तहरीर के आधार पर जांच जारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात भर गश्त बढ़ाई गई थी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

पीड़िता द्वारा बताए गए नाम

पीड़िता ने अपनी शिकायत में कुंवर प्रताप यादव, रोशन लाल, शैलेंद्र सिंह, सेलिना शोइंन, संजू, माया मेसी, शीतल मेसी, एक इलेक्ट्रीशियन और एक प्लंबर सहित गेट पर तैनात गार्ड विनोद का नाम लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं की जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। बदायूं पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।

Location :  Budaun

Published :  3 August 2026, 5:17 PM IST