यूपी समेत चार राज्यों में बड़ी साजिश का भंडाफोड़, विदेश से संचालित ‘छाया नेटवर्क’ के सच से पुलिस भी हैरान

भोपाल से शुरू हुई एटीएस कार्रवाई में चार राज्यों तक फैले कथित स्लीपर सेल नेटवर्क का खुलासा हुआ। मोहम्मद फराज, नईम और शाकिर मेव समेत कई संदिग्ध गिरफ्तार हुए। विदेशी फंडिंग, डिजिटल ब्रेनवॉश और खाड़ी कनेक्शन की जांच जारी है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश तेज है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 15 June 2026, 2:13 PM IST
google-preferred

Bhopal: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से शुरू हुई एक गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को उस बड़े नेटवर्क तक पहुंचा दिया, जिसकी जड़ें कथित रूप से चार राज्यों में फैली हुई थीं। एटीएस ने भोपाल के काजी कैंप क्षेत्र से मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया, जिसके बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगीं।

गिरफ्तारियों की कड़ी और बढ़ता दायरा

फराज की निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नईम को पकड़ा गया। इसके बाद राजस्थान एटीएस और एसटीएफ की मदद से अलवर के टप्पुकरा क्षेत्र से शाकिर मेव को गिरफ्तार किया गया, जिसे कथित तौर पर “सेकंड हेड कमांडर” की भूमिका में बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां इसे एक संगठित स्लीपर सेल नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं।

खाड़ी देश से जुड़ता कनेक्शन

पूछताछ में सामने आया कि इस नेटवर्क को विदेशी हैंडलर्स द्वारा निर्देशित किया जा रहा था, जिनके खाड़ी देशों और पाकिस्तान से संपर्क होने के संकेत मिले हैं। आरोप है कि फराज को सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए युवाओं को जोड़ने और ब्रेनवॉश करने का टास्क दिया गया था।

विदेशी फंडिंग और डिजिटल जांच

जांच में विदेशी फंडिंग की संभावना भी सामने आई है। एटीएस ने बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए युवाओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। करीब आधा दर्जन युवकों के संपर्क में फराज होने की बात भी सामने आई है।

Bhopal Gas Tragedy: भोपाल गैस त्रासदी का ज़हरीला कचरा पीथमपुर ले जाने पर हुआ बवाल, विरोध में सड़कों पर उतरे लोग

अन्य राज्यों में भी जांच तेज

नेटवर्क के तार मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक फैले होने के संकेत मिले हैं। हरियाणा के नूंह से भी एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, हालांकि उसकी औपचारिक गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।

Bhopal Politics: पार्टी के भीतर से उठा तूफान, दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह 6 साल के लिए कांग्रेस से बाहर

इलाके में बढ़ी हलचल

भोपाल के काजी कैंप इलाके में फराज की गिरफ्तारी के बाद उसके घर और क्लीनिक पर ताले लगे पाए गए। स्थानीय स्तर पर जांच एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

Location :  Bhopal

Published :  15 June 2026, 2:13 PM IST

Advertisement