गाजियाबाद ओमकार हत्याकांड में बड़ा अपडेट: एक और 50 हजार का इनामी एनकाउंटर में हुआ लंगड़ा, जानें क्यों हुई थी हत्या और कहां है लाश?

गाजियाबाद के चर्चित ओमकार हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी गौरव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की पूरी साजिश, गोलीकांड और शव को गंगनहर में फेंकने की बात कबूल की है। पुलिस अब शव की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 6 June 2026, 11:52 PM IST

Ghaziabad Desk: जिले के चर्चित ओमकार हत्याकांड से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। गाजियाबाद पुलिस ने शनिवार की रात को इस हत्याकांड से जुड़ी एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। दरअसल, शनिवार की रात को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के ऊपर 50 हजार का इनाम रखा गया था। आरोपी की पहचान गौरव के रूप में हुई है। हत्या के बाद ओमकार की लाश को कहां ठिकाने लगाया, इस बात का खुलासा गाजियाबाद पुलिस के सामने गौरव ने किया।

कैसे हुई मुठभेड़ ?

गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में हुए चर्चित दूध कारोबारी ओमकार हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश गौरव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए आरोपी ने पूछताछ में हत्या की साजिश से लेकर शव ठिकाने लगाने तक के कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।

कहां फेंकी ओमकार की लाश?

पूछताछ में गौरव ने कबूल किया कि 30 मई की सुबह उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दूध कारोबारी ओमकार की हत्या की थी। हत्या के बाद शव को कार में डालकर मेरठ ले गए और रोहटा क्षेत्र के पास गंगनहर में फेंक दिया गया।

लोनी हत्याकांड: 145 घंटे बाद भी गाजियाबाद पुलिस नहीं ढूंढ पाई ओमकार की लाश, योगी सरकार की पुलिस का महा-फेल्योर!

क्यों हुई ओमकार की हत्या?

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस हत्याकांड की जड़ एक पुराना विवाद था। गौरव ने बताया कि 20 मई को ओमकार के बेटे देवांश का गोपाल के साथ विवाद हुआ था। उस दौरान देवांश ने गौरव का नाम भी लिया था। इसके बाद 29 मई को पंचायत बुलाई गई, जहां ओमकार ने सौरभ और उसके पिता के साथ मारपीट कर दी थी। आरोपियों के अनुसार, इसी अपमान का बदला लेने के लिए ओमकार की हत्या की साजिश रची गई। सौरभ, गोपाल, गौरव, मोहित और अन्य साथियों ने मिलकर ओमकार की हत्या करने का प्लान बनाया।

खेत में बैठकर बनाई हत्या की योजना

गौरव ने पुलिस को बताया कि 30 मई को सौरभ एक स्विफ्ट कार, पिस्टल और तमंचा लेकर आया था। सभी आरोपी पहले शराब के ठेके पर गए और शराब पी। इसके बाद गांव के पास एक खेत में बैठकर ओंकार के आने का इंतजार करने लगे। सुबह जब ओंकार चारा लेने के लिए घर से निकला तो आरोपियों ने उसका पीछा शुरू कर दिया। निठोरा अंडरपास के पास कार को उसकी बाइक के सामने लगाकर उसे रोक लिया गया।

बीच सड़क पर बरसाईं गोलियां

आरोपियों ने ओंकार पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि ओंकार को सात गोलियां मारी गईं। गोली लगने के बाद भी आरोपी उसे जबरन कार में डालकर अपने साथ ले गए। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

लोनी हत्याकांड में बड़ा अपडेट: गोलियों से भूनने के बाद बागपत फेंकी लाश, 4 आरोपियों में से 50 हजार का इनामी मोहित शर्मा गिरफ्तार

इसलिए गंगनहर में फेंकी लाश

गौरव के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी शव को लेकर पहले पूरामहादेव रोड पहुंचे, लेकिन वहां लोगों की आवाजाही और नहर में कम पानी होने के कारण शव नहीं फेंक सके। बाद में पूठखास पुल के पास गंगनहर के किनारे पहुंचे और करीब 500 मीटर अंदर जाकर शव को नहर में फेंक दिया।

परिजनों का धरना, शव की तलाश जारी

ओंकार के लापता होने के बाद से परिजन लगातार पुलिस पर दबाव बना रहे थे। उनका कहना था कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद शव बरामद नहीं किया जा सका है। अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खुलासे के बाद पुलिस को शव मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। पुलिस की कई टीमें मेरठ और बागपत के नहर क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रही हैं। गोताखोरों और स्थानीय प्रशासन की मदद से शव की तलाश की जा रही है।

Location :  Ghaziabad

Published :  6 June 2026, 11:52 PM IST