
प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
Aligarh: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ठगी की एक अजीबोगरीब कोशिश का मामला सामने आया है। मुथूट गोल्ड लोन की खिरनी गेट शाखा में फर्जी सोने के नेकलेस के सहारे ठगी करने पहुंचे तीन आरोपियों को बैंक स्टाफ की सतर्कता से पकड़ लिया गया। आरोपियों के पास करीब 20 प्रतिशत सोने वाला नेकलेस मिला, जिसे अधिक शुद्धता वाले सोने के रूप में गिरवी रखकर रकम हासिल करने की तैयारी थी। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी मुथूट की वृंदावन शाखा में हुई करीब 90 लाख रुपये की ठगी से जुड़े गिरोह के संपर्क में भी रहे हैं।
मामले में सामने आया कि आरोपियों में से एक ने ठगी से पहले अपनी गर्लफ्रेंड और उसकी सहेली को गाजियाबाद से शॉपिंग कराने के लिए बुलाया था। हालांकि बैंक में ठगी की कोशिश नाकाम होने के बाद उनकी योजना भी धरी रह गई। पुलिस अब दोनों युवतियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और उनके परिजनों को बुलाया गया है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब चार बजे सुभाष निवासी तोछीगढ़, इगलास और भैरव निवासी रामपुर, इगलास मुथूट गोल्ड लोन की खिरनी गेट शाखा पहुंचे। दोनों ने कैशियर से कहा कि उनके पास कम प्रतिशत सोने वाले करीब 500 ग्राम के जेवरात हैं और वे उन्हें गिरवी रखना चाहते हैं।
आरोप है कि उन्होंने कैशियर को यह लालच भी दिया कि अगर जेवरात को 100 प्रतिशत सोने वाला बताकर गिरवी रखवा दिया जाए तो उसे भी हिस्सा दिया जाएगा। हालांकि शाखा में पहले हुई ठगी को देखते हुए स्टाफ पहले से सतर्क था। कैशियर ने दोनों को अगले दिन जेवरात लेकर आने को कहा।
अगले दिन बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सुभाष, भैरव और उनका साथी अवनीश कुमार, निवासी गढ़िया, मटसैना, फिरोजाबाद, शाखा पहुंचे। उन्होंने शाखा प्रबंधक ललित कुमार को करीब 22 ग्राम वजन का नेकलेस दिखाया। जांच के दौरान नेकलेस में सिर्फ करीब 20 प्रतिशत सोना पाया गया।
नेकलेस की जांच के बाद शाखा प्रबंधक को तीनों पर शक हुआ। उन्होंने बातचीत के दौरान वृंदावन शाखा में हुई ठगी का जिक्र किया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वृंदावन की घटना में फरार चल रहे राजीव और जगदीश उनके रिश्तेदार हैं।
शाखा प्रबंधक ने जब दोनों आरोपियों की तस्वीरें दिखाईं तो तीनों ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद मैनेजर ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देते हुए आरोपियों को बातचीत में उलझाए रखा।
पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपियों के साथ दो युवतियां और एक कार चालक भी बैंक के बाहर मौजूद थे। शाखा प्रबंधक ने उन्हें भी अंदर बुला लिया। करीब दो घंटे तक सभी को बातचीत में उलझाए रखा गया। इसी बीच जोनल हेड गीतेश शर्मा के पहुंचने के बाद सासनी गेट पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे ठगी के इरादे से बैंक पहुंचे थे। सुभाष और अवनीश ने बताया कि वृंदावन शाखा में हुई ठगी के फरार आरोपी राजीव और जगदीश उनके रिश्तेदार हैं। आरोप है कि उन्हीं ने उन्हें ठगी का तरीका बताया और नेकलेस भी उपलब्ध कराया था।
शाखा प्रबंधक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। पुलिस अब मामले में आगे की जांच कर रही है। साथ ही दो युवतियों की भूमिका और वृंदावन शाखा में हुई पिछली ठगी से उनके संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
Location : Aligarh
Published : 30 July 2026, 12:17 PM IST