
राम मंदिर मामले में बढ़ती जांच की परतें (Image Source: Pinterest)
Ayodhya: अयोध्या स्थित राम मंदिर की दान राशि में कथित हेरफेर और गबन के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। एसआईटी की पड़ताल अब सिर्फ नकदी तक सीमित नहीं रही है, बल्कि श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए सोने, चांदी और हीरे के जेवरातों के रिकॉर्ड से लेकर मंदिर ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई जमीनों तक पहुंच गई है। जांच के चौथे दिन भी एसआईटी की टीम सुबह से देर रात तक पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में जुटी रही। इस दौरान ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों से कई अहम सवाल पूछे गए। सूत्रों के मुताबिक जांच टीम को नकदी से जुड़े रिकॉर्ड में कई खामियां मिली हैं, वहीं चढ़ावे के कीमती जेवरातों का पूरा हिसाब भी सामने नहीं आ पाया है।
दान राशि मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए कीमती आभूषणों का पूरा रिकॉर्ड कहां है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंदिर में आने वाले सोने, चांदी, हीरे और अन्य कीमती सामानों का हिसाब किस तरह रखा गया। सूत्रों का दावा है कि ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारी जेवरातों से जुड़े दस्तावेज और रसीदों को लेकर एसआईटी के सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि कहीं नकदी के साथ-साथ कीमती सामानों के रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी तो नहीं हुई।
राम मंदिर दान विवाद: एफआईआर से पहले हुई पूछताछ पर सवाल, नकदी के बाद जेवरातों के रिकॉर्ड की भी जांच
गुरुवार को ट्रस्ट पदाधिकारी अनिल मिश्रा से एसआईटी ने करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। इसके अलावा गोपाल राव और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी जांच टीम ने जानकारी ली। जांच टीम ने दान राशि की गिनती, रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर सवाल पूछे। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में सामने आए जवाबों के आधार पर अब कुछ और लोगों की भूमिका की जांच की जा सकती है।
एसआईटी ने अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई जमीनों से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी शुरू कर दी है। जांच टीम वर्ष 2021 से अब तक खरीदी गई जमीनों की फाइलें, भुगतान रिकॉर्ड, अनुमोदन पत्र और राजस्व दस्तावेजों का मिलान कर रही है। एसआईटी यह समझने की कोशिश कर रही है कि दान राशि के इस्तेमाल और जमीन खरीद के बीच कोई संबंध तो नहीं है। इसके अलावा जमीन खरीद की प्रक्रिया, बाजार मूल्य और भुगतान की व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।
ट्रस्ट की बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार अक्तूबर 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच करीब 71 एकड़ जमीन खरीदी गई थी। इन जमीनों की खरीद पर करीब 5 करोड़ 69 लाख 48 हजार 650 रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जांच टीम अब इन सभी सौदों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई थी या नहीं।
कुछ जमीन सौदों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। जांच टीम उन आरोपों और दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है जिनमें जमीन की कीमत को लेकर अंतर की बात कही गई थी। एसआईटी संबंधित दस्तावेज, मूल्यांकन रिपोर्ट और भुगतान रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
मामले में सबसे ज्यादा चर्चा में आए चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव से एसआईटी ने दोबारा पूछताछ की। जांच टीम यह जानना चाहती है कि दान राशि की गिनती प्रक्रिया में उसकी क्या भूमिका थी। साथ ही यह भी पूछा गया कि गिनती करने वाले कर्मचारियों में उसके करीबी लोग कौन थे और मंदिर की प्रक्रिया में उसकी मौजूदगी क्यों रहती थी। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में टिन्नू के जवाबों से जांच टीम पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुई। बताया जा रहा है कि उसने गिनती प्रक्रिया से जुड़े कुछ नामों का जिक्र किया है, जिसके बाद एसआईटी अब संबंधित लोगों की भूमिका भी जांच रही है।
जांच के बीच गोपाल राव की भूमिका भी चर्चा में आ गई है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट में उनका कोई बड़ा आधिकारिक पद नहीं है, लेकिन मंदिर की कई व्यवस्थाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। सूत्रों के अनुसार वीवीआईपी दर्शन पास जारी करने से लेकर मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई मामलों में उनकी भूमिका बताई जा रही है। अब एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्हें ये अधिकार किस आधार पर मिले और क्या इन व्यवस्थाओं में तय नियमों का पालन हुआ।
गोपाल राव मंदिर निर्माण के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका में रहे हैं। निर्माण सामग्री, पत्थरों की खरीद और अन्य व्यवस्थाओं में उनके योगदान की बात सामने आती रही है। लेकिन दान राशि विवाद के बाद अब उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
एसआईटी अब तक ट्रस्ट के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और संदिग्ध लोगों समेत करीब 18 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जांच टीम सभी पहलुओं को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दान राशि, जेवरात और जमीन खरीद से जुड़े मामलों में कहीं कोई अनियमितता हुई या नहीं। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Location : Ayodhya
Published : 19 June 2026, 9:50 AM IST