
गमजदा आरव की नानी
Firozabad: फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में हुई डेढ़ साल के मासूम आरव की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सीसीटीवी में कैद हुई इस वारदात को जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई। अब इस मामले में मृतक बच्चे की मां रती शर्मा ने पुलिस पूछताछ के दौरान ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने इस हत्याकांड को और भी भयावह बना दिया है। रती का आरोप है कि आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक पिछले तीन महीने से लगातार उस पर शादी का दबाव बना रहा था। जब उसने शादी से साफ इनकार कर दिया तो आरोपी ने उसके डेढ़ साल के मासूम बेटे आरव को अपनी सनक और बदले का शिकार बना डाला।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रती शर्मा ने पूछताछ में बताया कि विराज पिछले कई महीनों से उसके संपर्क में आने की कोशिश कर रहा था। वह लगातार शादी करने की बात करता था। करीब एक महीने पहले उसने सीधे रती के सामने शादी का प्रस्ताव भी रखा था। इतना ही नहीं, उसने यह तक कहा था कि वह आरव को भी अपने साथ रखेगा और दोनों की जिम्मेदारी उठाएगा। लेकिन रती ने साफ शब्दों में दूसरी शादी करने से इनकार कर दिया। यही बात आरोपी को नागवार गुजरी।
शनिवार को हुई घटना के बारे में रती ने जो जानकारी दी है, वह जांच एजेंसियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। रती के अनुसार, जब विराज शिकोहाबाद स्थित पुष्पलता के घर पहुंचा तो उसने वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति से बातचीत नहीं की। वह सीधे घर के अंदर गया, पानी पिया और फिर बाहर निकल आया। इसके बाद वह करीब आधे घंटे से ज्यादा समय तक घर के बाहर खड़ा होकर किसी से फोन पर बात करता रहा। इसी दौरान घर के अंदर मौजूद लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे। जब रती ने अपने बेटे आरव को सुलाने के लिए आवाज लगाई तो बाहर खड़ा विराज तेजी से अंदर आया।
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रती के मुताबिक, विराज ने बड़े प्यार से आरव को अपने पास बुलाया और कहा, "चलो आरव, टॉफी दिलाऊं।" मासूम बच्चा उसके साथ चल पड़ा। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही मिनटों बाद एक ऐसा खौफनाक मंजर सामने आने वाला है, जिसे याद कर पूरा परिवार आज भी सिहर उठता है। घर से करीब 50 मीटर दूर सुनसान सड़क पर आरोपी ने मासूम को अपनी गोद से उठाकर सड़क पर पटकना शुरू कर दिया। पुलिस जांच के अनुसार सिर्फ 27 सेकेंड के भीतर उसने बच्चे को लगातार आठ बार पक्की सड़क पर पटका। गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही बच्चे की मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी की हैवानियत खत्म नहीं हुई। बच्चे की मौत के बाद उसने रती को फोन किया और झूठ बोला कि आरव को चोट लग गई है। जब तक परिवार को पूरी बात समझ में आती, तब तक आरोपी बच्चे के शव को घर के मुख्य दरवाजे पर छोड़कर फरार हो चुका था।
रविवार को अरांव के ग्राम बामई में मासूम आरव का अंतिम संस्कार किया गया। ननिहाल पक्ष के लोगों ने ही बच्चे को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान मां रती और नानी पिंकी देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। रती को अपने बेटे की दर्दनाक मौत का जितना दुख था, उससे कम दर्द उसे इस बात का नहीं था कि उसका पति सुमित कुमार और ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य मासूम का अंतिम दर्शन करने तक नहीं पहुंचा। रती ने बताया कि उसकी शादी 18 फरवरी 2024 को बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी।
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रती ने बताया कि 3 नवंबर 2024 को इटावा के भरथना में आरव का जन्म हुआ था। उस समय भी न तो उसके पति और न ही ससुराल का कोई सदस्य बच्चे को देखने आया था। बाद में समझौते के जरिए वह फिर ससुराल गई, लेकिन वहां भी विवाद और उत्पीड़न जारी रहा। इसी दौरान आरोपी विराज ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे उसने ठुकरा दिया था।
मामले में गिरफ्तार आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत मंजूर कर ली है। हालांकि पुलिस मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी थी, जिसके चलते उसे फिलहाल जिला अस्पताल फिरोजाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एक्स-रे रिपोर्ट आने के बाद तय होगा कि उसका इलाज फिरोजाबाद में होगा या उसे आगरा रेफर किया जाएगा।
पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। फुटेज में आरोपी की बर्बरता साफ दिखाई दे रही है। यही वीडियो अब पुलिस जांच का सबसे बड़ा सबूत बन गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य मौजूद हैं और मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
Location : Firozabad
Published : 1 June 2026, 4:19 PM IST