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रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और एविएशन क्षेत्र में भी विश्व रिकॉर्ड बनाकर देश का नाम रोशन किया। उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से इस दुखद खबर की पुष्टि की।
रेमंड के पूर्व प्रमुख विजयपत सिंघानिया का निधन (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और पद्म भूषण से सम्मानित डॉ विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया। उनके बेटे और रेमंड के मौजूदा प्रमुख गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से इस दुखद खबर की पुष्टि की। उन्होंने अपने पिता को एक दूरदर्शी नेता, प्रेरणादायक व्यक्तित्व और उद्योग जगत का स्तंभ बताया। उनके निधन से कॉर्पोरेट जगत और समाज में शोक की लहर है।
डॉ विजयपत सिंघानिया का जन्म 4 अक्टूबर 1938 को हुआ था। वे भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक थे और रेमंड ग्रुप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का श्रेय उन्हें ही जाता है। उन्होंने 1980 से 2000 तक कंपनी के चेयरमैन के रूप में कार्य किया। उनके नेतृत्व में रेमंड ने कपड़ा उद्योग से आगे बढ़ते हुए स्टील, सीमेंट और डेनिम जैसे कई क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई।
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वे केवल एक सफल बिजनेसमैन ही नहीं थे, बल्कि एक बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी भी थे। उनके योगदान ने भारतीय उद्योग जगत को नई दिशा दी और उन्हें एक ट्रेंडसेटर के रूप में पहचान दिलाई।
विजयपत सिंघानिया अपनी व्यावसायिक उपलब्धियों के साथ-साथ अपने साहसिक शौकों के लिए भी जाने जाते थे। उन्हें एविएशन और रोमांचक गतिविधियों का विशेष शौक था। वे एक कुशल पायलट और हॉट एयर बलूनिस्ट थे।
साल 2005 में, 67 वर्ष की उम्र में उन्होंने हॉट एयर बलून से 69,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि उनके साहस और जुनून को दर्शाती है। उनके इसी योगदान के लिए भारतीय वायु सेना ने उन्हें 'मानद एयर कोमोडोर' की उपाधि से सम्मानित किया था।
इसके अलावा, उन्हें 2006 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया, जो उनके उद्योग और समाज के प्रति योगदान का प्रतीक है।
रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
डॉ विजयपत सिंघानिया का निधन शनिवार को 87 वर्ष की आयु में हुआ। उनके निधन की खबर सामने आते ही उद्योग जगत, सोशल मीडिया और विभिन्न क्षेत्रों से लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लोग उन्हें 'बॉसमैन' और 'ट्रेंडसेटर' के रूप में याद कर रहे हैं।
विजयपत सिंघानिया अपने पीछे पत्नी आशादेवी सिंघानिया और तीन बच्चों- मधुपति, शेफाली और गौतम सिंघानिया को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार रविवार दोपहर 3:00 बजे मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन के लिए परिवार, मित्र और उद्योग जगत के कई लोग शामिल होने की संभावना है।
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रेमंड ग्रुप भारत की एक प्रमुख टेक्सटाइल और परिधान कंपनी है, जो उच्च गुणवत्ता वाले सूटिंग-शर्टिंग और फैशन उत्पादों के लिए जानी जाती है। रेमंड ग्रुप का बिजनेस कपड़ा, रियल एस्टेट, इंजीनियरिंग और कंज्यूमर केयर जैसे क्षेत्रों में फैला है।
विजयपत सिंघानिया ने 1980 से 2000 तक रेमंड ग्रुप के चेयरमैन के रूप में कार्य किया और कंपनी को कई नए क्षेत्रों में विस्तार दिलाया।
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