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ITR फाइल करने में बचे हैं कुछ ही दिन (सोर्स-Pinterest)
New Delhi: आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 बहुत करीब आ चुकी है। अगर आप भी इस उम्मीद में बैठे हैं कि सरकार तारीख आगे बढ़ाएगी, तो यह इंतजार आपको भारी पड़ सकता है। कर विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी तरह की लेट फीस और पोर्टल की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए तुरंत अपना रिटर्न दाखिल कर देना चाहिए। अब आपके पास एक हफ्ते से भी कम समय बचा है, इसलिए आखिरी दिन तक रुकना नुकसानदेह हो सकता है।
हर साल जुलाई के अंत में करदाताओं के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्या अंतिम तारीख बढ़ेगी। हालांकि, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) या आयकर विभाग की ओर से तारीख बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए केवल तारीख बढ़ने की उम्मीद पर बैठकर फाइलिंग को टालना बिल्कुल सही फैसला नहीं होगा।
अंतिम तारीख जैसे-जैसे पास आती है, ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक साथ लाखों लोग लॉग इन करते हैं। इससे पोर्टल की रफ्तार धीमी हो सकती है। करदाताओं को लॉग इन करने, डेटा अपलोड करने या अन्य तकनीकी रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। यद्यपि CBDT ने पोर्टल को पहले से काफी बेहतर और मजबूत बनाया है, फिर भी आखिरी समय में अत्यधिक भीड़ के कारण सर्वर पर दबाव बढ़ जाता है।
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आयकर विभाग सोशल मीडिया के जरिए लगातार लोगों से समय पर रिटर्न दाखिल करने का आग्रह कर रहा है। विभाग के मुताबिक, असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 3 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। सिर्फ 21 जुलाई के दिन ही 15 लाख से ज्यादा करदाताओं ने अपना ITR भरा। विभाग ने साफ किया है कि लोग अंतिम दिनों की भागदौड़ का इंतजार न करें और समय रहते प्रक्रिया पूरी करें।
समय रहते रिटर्न भरने से आपको अपने दस्तावेजों और जानकारियों को ध्यानपूर्वक जांचने का पर्याप्त अवसर मिलता है। यदि कोई छोटी-मोटी चूक हो भी जाती है, तो उसे समय रहते सुधारा जा सकता है। इससे आप पेनल्टी, आयकर विभाग के नोटिस, रिफंड में देरी और बेवजह की जांच-पड़ताल जैसी परेशानियों से पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
ITR दाखिल करने से पहले अपने Form 26AS और वार्षिक सूचना विवरण (AIS) की जांच जरूर कर लें। यदि बैंक एफडी के ब्याज, वेतन पर कटे TDS, म्यूचुअल फंड डिविडेंड या कैपिटल गेन की जानकारी में कोई अंतर दिखता है, तो उसे तुरंत ठीक कराएं। अंतिम समय में ऐसी गड़बड़ियों को सुधारना काफी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, यदि आपने वर्ष के दौरान होम लोन या हेल्थ इंश्योरेंस लिया है, तो फाइलिंग के समय पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था की तुलना करके ही सही विकल्प चुनें।
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यदि आप 31 जुलाई 2026 तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते हैं, तो आपके पास 31 दिसंबर 2026 तक बीलेटेड (विलंबित) रिटर्न भरने का मौका रहेगा। हालांकि, इसके लिए आपको पेनल्टी देनी होगी। नियमों के अनुसार, आपकी आय के हिसाब से 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की लेट फीस लग सकती है। इसके अलावा कर की बकाया राशि पर ब्याज देना पड़ सकता है और रिफंड मिलने में भी देरी होगी।
Location : New Delhi
Published : 24 July 2026, 4:01 PM IST