सोने की कीमतों में बड़ा उछाल, 4 लाख के पार पहुंची चांदी; जानें अभी निवेश करना सही या नहीं?

वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव और कमजोर डॉलर के बीच सोने और चांदी ने नए रिकॉर्ड बना लिए हैं। इंटरनेशनल मार्केट में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी दिखा, जहां सोना 1.78 रुपये लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी 4 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गई।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 29 January 2026, 9:52 AM IST
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New Delhi: गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया। वैश्विक जियोपॉलिटिकल टेंशन, कमजोर डॉलर और सेफ-हेवन एसेट्स की बढ़ती मांग के बीच इंटरनेशनल मार्केट में आई तेजी का असर भारतीय बाजार में भी साफ दिखा। घरेलू स्तर पर सोना पहली बार 1.78 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया, जबकि चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर छू लिया। निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच इस उछाल को लेकर भारी चर्चा है।

इंटरनेशनल मार्केट में बुलियन की जोरदार तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमतों में 2.1% की बढ़त दर्ज की गई और यह $5,511.79 प्रति औंस पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान सोना $5,591.61 प्रति औंस के ऑल टाइम हाई तक पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.3% उछलकर $118.06 प्रति औंस पर पहुंची और दिन के दौरान $119.34 के नए रिकॉर्ड स्तर को छुआ। जानकारों के मुताबिक, इस हफ्ते अकेले सोने में 10% से अधिक की तेजी देखी गई है।

घरेलू बाजार में नए शिखर

इंटरनेशनल संकेतों से उत्साहित भारतीय बाजार में MCX पर सोने ने गैप-अप ओपनिंग की। सोना 1,78,570 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड हाई तक पहुंच गया। वहीं, चांदी ने भी जबरदस्त तेजी दिखाते हुए 4,04,608 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया। यह पहला मौका है जब घरेलू बाजार में चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार गई हो।

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कीमतें क्यों छू रही हैं आसमान?

विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं में इस उछाल के पीछे कई बड़े कारण हैं। जैसे-

जियोपॉलिटिकल टेंशन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य टकराव की आशंका से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

कमजोर डॉलर: अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से सोना-चांदी जैसे बुलियन एसेट्स को सपोर्ट मिला है।

फेडरल रिजर्व की नीति: अमेरिकी फेड की सख्त लेकिन अनिश्चित मौद्रिक नीति ने भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा है।

सेंट्रल बैंकों की खरीदारी: वैश्विक स्तर पर सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीद ने कीमतों को मजबूती दी है।

इन्वेस्टर डिमांड: ऊंची कीमतों के बावजूद चांदी को सोने के मुकाबले सस्ता विकल्प मानते हुए निवेशक उसमें तेजी से निवेश कर रहे हैं।

लॉन्ग टर्म परफॉर्मेंस ने बढ़ाया भरोसा

अगर दीर्घकालिक प्रदर्शन की बात करें तो सोना इस साल अब तक 27% से ज्यादा चढ़ चुका है, जबकि 2025 में इसमें करीब 64% की जबरदस्त तेजी आई थी। वहीं, 2026 में अब तक चांदी 60% से अधिक का रिटर्न दे चुकी है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि अनिश्चित आर्थिक माहौल में निवेशक एक बार फिर कीमती धातुओं पर भरोसा जता रहे हैं।

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अभी निवेश करें या नहीं?

दुनियाभर में जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन और आर्थिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स चार साल के निचले स्तर पर पहुंच चुका है, जिससे सोना विदेशी निवेशकों के लिए सस्ता हो गया है। अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी, भारत-अमेरिका ट्रेड डील में असमंजस और ग्लोबल ग्रोथ को लेकर चिंता ने बुलियन मार्केट को मजबूती दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके सोने-चांदी में अभी निवेश करना सही होगा।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अनिश्चितता के इस माहौल में सोना अभी भी मजबूत सेफ-हेवन बना रहेगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार 2026 में सोने की चमक बरकरार रह सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 6000 डॉलर प्रति औंस और घरेलू बाजार में 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। निवेशकों को एसआईपी के जरिए धीरे-धीरे निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

हालांकि चांदी को लेकर थोड़ी सतर्कता जरूरी बताई जा रही है। मौजूदा ऊंचे स्तरों पर करेक्शन की संभावना है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक गिरावट आने पर ही चांदी में निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। कुल मिलाकर, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ट्रेंड अभी भी सकारात्मक माना जा रहा है।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। इसमें बताए गए भाव भविष्य में बदल सकते हैं। सोने-चांदी की कीमतें बाजार जोखिमों के अधीन होती हैं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 29 January 2026, 9:52 AM IST

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