
प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
New Delhi: घरेलू वायदा बाजार में सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुएं दबाव में रहीं। वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी आंकड़ों ने बाजार की दिशा बदल दी है, जिससे निवेशकों की रणनीति पर भी असर पड़ रहा है।
सोमवार के शुरुआती कारोबार में MCX पर जून डिलीवरी वाला सोना करीब 1,400 रुपये यानी लगभग 1% गिरकर 1,48,298 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी में 2,800 रुपये से अधिक यानी 1% से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जिससे इसका भाव 2,29,651 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। यह गिरावट बाजार खुलते ही देखने को मिली, जिसने निवेशकों को चौंका दिया।
सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर से ऊपर बना हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर मांग पर पड़ता है और कीमतें नीचे आ जाती हैं। इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी डॉलर की मांग को मजबूत कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार को प्रभावित किया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। यह संघर्ष कई हफ्तों से जारी है और इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। बढ़ती महंगाई की आशंका भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही है।
अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों ने भी कीमती धातुओं पर दबाव डाला है। मार्च में नॉन-फार्म पेरोल में 1,78,000 की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले कई महीनों में सबसे अधिक है। इसके साथ ही बेरोजगारी दर घटकर 4.3% पर आ गई है। इन आंकड़ों से यह संकेत मिला है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती जल्द नहीं करेगा, जिससे सोने-चांदी की मांग कम हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी कमजोर दिखे। स्पॉट गोल्ड करीब 1.2% गिरकर 4,620.68 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर 1% गिरकर 72.28 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। हालांकि, प्लैटिनम और पैलेडियम में हल्की बढ़त देखने को मिली, जो धातु बाजार में मिश्रित संकेत दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती के कारण सोना-चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों का आकर्षण कम हो रहा है। आने वाले समय में फेडरल रिजर्व की नीतियां, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक तनाव इन धातुओं की दिशा तय करेंगे।
Location : New Delhi
Published : 6 April 2026, 11:07 AM IST