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सोना ₹1.55 लाख के आसपास कारोबार कर रहा है जबकि चांदी ₹2.5 लाख प्रति किलो पर फिसली। जानें MCX अपडेट, दिल्ली सर्राफा बाजार की ताजा कीमतें और विशेषज्ञों की राय।
सोने की कीमत (Img source: pexel)
New Delhi: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में हलचल जारी है। मजबूत डॉलर, वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के चलते कीमतों में तेजी और गिरावट दोनों देखने को मिल रही है। विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल की चाल सीमित दायरे में रह सकती है।
LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के अनुसार, सोना ₹1,54,500 के आसपास कमजोर रुख के साथ खुला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में CME Group पर कीमतें $5,000 के नीचे फिसलने से शुरुआती कारोबार में सतर्कता का माहौल दिखा।
हालांकि बाद में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $5,010 के करीब पहुंचा, जिससे MCX गोल्ड में भी रिकवरी आई और भाव फिर से ₹1,55,500 के आसपास पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि निकट अवधि में ट्रेंड अस्थिर रह सकता है और कीमतें ₹1,52,000 से ₹1,57,000 के दायरे में घूम सकती हैं। बाजार की दिशा डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी।
Gold Price Today: क्यों आई सोने की कीमतों में गिरावट? जानें क्या अभी निवेश करना सही या नहीं
राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। All India Sarafa Association के आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमत 5,000 रुपये यानी करीब 1.96 प्रतिशत घटकर ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले सत्र में यह ₹2,55,000 प्रति किलो पर थी। इसके उलट 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 700 रुपये बढ़कर ₹1,59,200 प्रति 10 ग्राम हो गया, जो पहले ₹1,58,500 प्रति 10 ग्राम था।
Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग का कहना है कि सप्ताह की शुरुआत में चांदी में मुनाफावसूली देखने को मिली। हालांकि टेक और एआई शेयरों में करेक्शन, सुरक्षित निवेश की मांग और कमजोर डॉलर इंडेक्स ने गिरावट को सीमित रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की खरीद और भू-राजनीतिक अनिश्चितता जैसे कारक लंबी अवधि में सोने और चांदी को समर्थन दे सकते हैं।
Gold Price: डॉलर की मजबूती से टूटी सोना-चांदी की चमक, यहां देखें ताजा रेट
बाजार की नजर अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स की चाल और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर है। यदि ब्याज दरों में कटौती के संकेत मजबूत होते हैं तो सोने को समर्थन मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच संतुलित रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी अवधि के निवेशक गिरावट के दौरान चरणबद्ध निवेश की रणनीति पर विचार कर सकते हैं।