
14 महीने जेल में रहे IAS विनय चौबे बहाल(Source: Pinterest)
Ranchi: रांची में 1999 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे का निलंबन झारखंड सरकार ने खत्म कर दिया है। अदालतों से जमानत मिलने और कानूनी प्रक्रिया में राहत के बाद उन्होंने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में अपना योगदान दर्ज कराया है। लंबे समय से कानूनी मामलों के कारण चर्चा में रहे विनय चौबे की बहाली को प्रशासनिक स्तर पर अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
विनय चौबे शराब नीति से जुड़े चर्चित मामले और हजारीबाग वन भूमि से जुड़े मामले में जेल में रहे। उन्हें सुप्रीम कोर्ट समेत अन्य अदालतों से अलग-अलग मामलों में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हुआ। बताया गया कि वह 14 महीने से अधिक समय तक जेल में रहे।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB ने विनय चौबे को 20 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। उन पर उत्पाद नीति-2022 में कथित गड़बड़ी, मैनपावर उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को कथित फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर काम देने और सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप लगाए गए थे। उनके खिलाफ कुल चार मामले दर्ज किए गए थे।
विनय चौबे को पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों से नियमित और डिफॉल्ट बेल मिली थी। जमानत के दौरान अदालत ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। इनमें बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाने और जांच में पूरा सहयोग करने जैसी शर्तें शामिल हैं।
बड़ी खबर: रांची में JPSC घोटाले में CID का बड़ा एक्शन, आयोग की पूर्व सदस्य के PA बीएन राम गिरफ्तार
कार्मिक विभाग ने विनय चौबे के योगदान से जुड़ी फाइल मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री के पास भेज दी है। अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार उन्हें जल्द कोई अहम जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि, नई जिम्मेदारी को लेकर अभी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
विनय चौबे इससे पहले मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के साथ-साथ जल संसाधन और आबकारी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसी वजह से उनकी बहाली के बाद प्रशासनिक हलकों में उनकी अगली पोस्टिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
Location : Ranchi
Published : 11 September 2026, 11:27 AM IST
Topics : ACB Case IAS Posting IAS officer Jharkhand News