IIT-IIM से लंदन की नौकरी, फिर IRS-IPS और IAS का सफर; आखिर क्यों दिव्या मित्तल ने छोड़ दी प्रशासनिक सेवा?

IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई करने वाली दिव्या मित्तल ने लंदन की नौकरी छोड़कर देश सेवा का रास्ता चुना। UPSC में तीन बार सफलता हासिल कर पहले IRS, फिर IPS और आखिरकार IAS बनीं। 2013 बैच की इस चर्चित अधिकारी का इस्तीफा अब मंजूर हो चुका है, जिससे उनका सफर फिर चर्चा में है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 15 September 2026, 4:15 PM IST
google-preferred

Lucknow: उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सफर अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। 2013 बैच की IAS अधिकारी का इस्तीफा मंजूर हो चुका है। लेकिन प्रशासनिक सेवा छोड़ने का फैसला जितना चर्चा में है, उससे कहीं ज्यादा दिलचस्प उनकी सफलता की कहानी है।

दिव्या ने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद IIM बेंगलुरु से MBA किया। देश के दो प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई के बाद उन्होंने पति के साथ लंदन में नौकरी भी की। वहां उन्हें अच्छा पैकेज मिल रहा था, लेकिन देश सेवा की इच्छा उन्हें वापस भारत ले आई।

तीन बार UPSC, हर बार मिली सफलता

दिव्या मित्तल की कहानी मेहनत और लक्ष्य के प्रति दृढ़ता की मिसाल है। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा तीन बार दी और तीनों बार सफलता हासिल की।

साल 2010 में उन्होंने पहली बार UPSC परीक्षा पास की और 332वीं रैंक हासिल कर भारतीय राजस्व सेवा यानी IRS के लिए चयनित हुईं। लेकिन उनका लक्ष्य IAS बनना था। इसलिए उन्होंने अगले साल दोबारा परीक्षा दी और इस बार 134वीं रैंक हासिल कर IPS बनीं।

इसके बाद भी उन्होंने प्रयास नहीं छोड़ा। तीसरी बार UPSC परीक्षा में उन्होंने 68वीं रैंक हासिल की और IAS बनने का अपना सपना पूरा किया। साल 2013 में उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला।

मेरठ से शुरू हुआ प्रशासनिक सफर

IAS बनने के बाद दिव्या मित्तल को लगातार फील्ड पोस्टिंग मिली। मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के तौर पर उनके प्रशासनिक सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद वह गौतमबुद्ध नगर की मुख्य विकास अधिकारी रहीं।

उन्होंने कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक, बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी की CEO के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।

बाद में दिव्या मित्तल ने संतकबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी के तौर पर भी काम किया। अलग-अलग जिलों में फील्ड पोस्टिंग के दौरान वह अपने काम को लेकर चर्चा में रहीं।

फील्ड पोस्टिंग खत्म होने के बाद बदला मन?

दिव्या मित्तल की नई पोस्टिंग इसी साल मई में राजस्व परिषद में सचिव के पद पर हुई। इस पद पर आने के बाद उनके पास पहले की तरह सीधे जनता से जुड़े फील्ड कार्य नहीं रहे।

इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी एक पोस्ट ने भी लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने लिखा था कि IIT और IIM जैसे शीर्ष संस्थानों में खुश रहना क्यों नहीं सिखाया जाता। उस समय शायद ही किसी ने अंदाजा लगाया होगा कि यह पोस्ट उनके करियर में आने वाले बड़े बदलाव का संकेत है।

लाखों रुपये की लागत से बना कूड़ा घर खुद कूड़े के ढेर में तब्दील, गांव में जगह-जगह गंदगी और बदबू से ग्रामीण परेशान

इस्तीफा मंजूर होते ही कविता की पंक्तियां

सोमवार रात इस्तीफा मंजूर होने के बाद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर जयशंकर प्रसाद की कविता ‘हिमाद्रि तुंग श्रृंग से’ की पंक्ति लिखी—“प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो बढ़े चलो।”

उनकी इस पोस्ट को उनके नए सफर की ओर बढ़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। IIT-IIM से लेकर UPSC की तीन सफल कोशिशों और IAS बनने तक का सफर पूरा करने वाली दिव्या मित्तल ने अब प्रशासनिक सेवा को अलविदा कह दिया है। आगे उनका नया कदम क्या होगा, इस पर सबकी नजर है।

Location :  Lucknow

Published :  15 September 2026, 4:15 PM IST

Related News

Advertisement