बारिश में भीगकर पहुंचे और टूटीं उम्मीदें: बगहा अस्पताल में OPD बंद होने से मरीजों के छलके आंसू

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में गुरुवार को ओपीडी सेवा बंद रहने से दूर-दराज से आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 24 September 2026, 3:10 PM IST
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West Champaran: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में गुरुवार को ओपीडी सेवा बंद रहने से इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को परेशान होकर वापस लौटना पड़ा। सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद दूर-दराज के इलाकों से मरीज अस्पताल पहुंचे थे। कई मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बाद काफी देर तक इंतजार करना पड़ा और बाद में ओपीडी बंद रहने की जानकारी मिली। इसके कारण मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखी गई।

किराया लगाकर आई थीं अस्पताल

पतीलार से इलाज कराने पहुंचीं आशा देवी ने बताया कि वह किराया लगाकर अस्पताल आई थीं। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि गुरुवार को ओपीडी सेवा बंद है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर सप्ताह में एक दिन आते हैं और उसी दिन मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। अब ओपीडी बंद रहने के कारण इलाज के लिए एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ेगा।

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उनके अनुसार, दूर गांव से किराया खर्च कर अस्पताल पहुंचने के बाद बिना इलाज लौटना काफी परेशानी भरा है। वहीं कैलाश नगर निवासी प्रमिला देवी समेत अन्य मरीजों ने बताया कि वे इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद पता चला कि गुरुवार को ओपीडी सेवा बंद रहेगी। मरीजों का कहना था कि यदि ओपीडी बंद रहने की जानकारी पहले मिल जाती तो वे बारिश के बीच अस्पताल आने की परेशानी से बच सकते थे।

सात प्रखंडों के मरीज पहुंचते हैं अस्पताल

बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पर आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के साथ सात प्रखंडों के मरीज निर्भर हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इलाज, जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी सेवा बंद रहने का सीधा असर सामान्य मरीजों पर पड़ा। गुरुवार को हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. चंदन कुमार के आने का दिन बताया गया। इस कारण हड्डी से संबंधित बीमारी, चोट और अन्य समस्याओं से परेशान मरीजों की संख्या भी अधिक रहती है। कई मरीज इसी उम्मीद में अस्पताल पहुंचे थे कि विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच और इलाज मिल सकेगा। लेकिन ओपीडी बंद रहने के कारण उन्हें बिना चिकित्सकीय परामर्श के ही वापस लौटना पड़ा। बारिश के बीच अस्पताल पहुंचे मरीजों की परेशानी इसलिए भी बढ़ गई, क्योंकि कई लोग दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से किराया खर्च कर अस्पताल आए थे। अस्पताल परिसर में पहुंचने के बाद ओपीडी सेवा बंद होने की जानकारी मिलने से उन्हें समय और पैसे दोनों का नुकसान उठाना पड़ा।

सहरसा की घटना के बाद डॉक्टरों ने बंद की ओपीडी

ओपीडी सेवा बंद रहने के पीछे डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बताई जा रही है। सहरसा सदर अस्पताल में सितंबर 2026 में मिड-डे मील खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की कवरेज के दौरान एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की थी। घटना में प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार आजाद (एसके आजाद) और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन लाल के नाम सामने आए थे। आरोप है कि पत्रकार को कमरे में बंद कर मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा उनका सामान और मोबाइल छीन लिया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच और रिपोर्ट के बाद दोनों डॉक्टरों को उनके पद से हटाकर स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय, पटना तलब किए जाने की जानकारी सामने आई। अस्पताल प्रबंधक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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'डॉक्टरों का पक्ष भी सुना जाए'

बिहार हेल्थ सर्विस एसोसिएशन के तिरहुत प्रमंडल के सचिव डॉ. विनय कुमार ने बताया कि सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार और डॉक्टरों के बीच अप्रिय घटना हुई थी। उनके अनुसार, मामले में डॉक्टरों का पक्ष पूरी तरह जाने बिना कार्रवाई की गई है। इसी के विरोध में डॉक्टरों ने पूरे बिहार में अनिश्चितकालीन ओपीडी सेवा बंद रखने का निर्णय लिया है। डॉ. विनय कुमार ने कहा कि इस मामले को लेकर एसोसिएशन की ओर से स्वास्थ्य सचिव से कई बार मुलाकात की गई है। गुरुवार से पहले भी इस संबंध में वार्ता हुई, लेकिन डॉक्टरों की मांग के अनुरूप संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना है कि कार्रवाई से पहले डॉक्टरों का पक्ष भी सुना जाना चाहिए। मरीजों को हो रही परेशानी के सवाल पर उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को परेशानी हो रही है, लेकिन डॉक्टर अपने पक्ष को रखने की मांग पर हड़ताल कर रहे हैं।

इमरजेंसी सेवा चालू, सामान्य मरीज परेशान

डॉक्टरों की हड़ताल के बावजूद अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा चालू रखी गई है, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। हालांकि सामान्य बीमारी, नियमित जांच और विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श के लिए पहुंचने वाले मरीजों को ओपीडी बंद रहने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में गुरुवार को बारिश के बीच इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। दूर-दराज से आने वाले मरीजों के लिए यह स्थिति परेशानी बढ़ाने वाली रही। अब सामान्य मरीजों को ओपीडी सेवा शुरू होने का इंतजार करना पड़ेगा।

Location :  West Champaran

Published :  24 September 2026, 3:10 PM IST

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