बिहार की राजधानी पटना से गुरुवार को दुखद और झकझोरने वाली घटना सामने आयी है। मसौढ़ी की रहने वाली एक छात्रा ने मैट्रिक की परीक्षा के लिए देरी होने और केंद्र में प्रवेश न मिलने से दुखी होकर खुदकुशी कर ली। इस घटना से स्कूल अभिभावकों में रोष व्याप्त है।

Patna: बिहार में बोर्ड परीक्षाओं के बीच गुरुवार को एक दुखद घटना सामने आयी है। पटना के मसौढ़ी में मंगलवार को मैट्रिक एग्जाम छूटने के तनाव में आकर छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद से पूरे बिहार में हंगामा मचा हुआ है।
मृतका की पहचान खैरजवां गांव की रहने वाली कोमल बरनी के रूप में हुई है। छात्रा मसौढ़ी की रहने वाली थी और मैट्रिक की छात्रा थी।
जानकारी के अनुसार मैट्रिक की छात्रा परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी। इस दौरान वह रास्ते में ट्रेफिक में फंस गई जिससे वह परीक्षा केंद्र में 10 मिनट में लेट से पहुंची लेकिन परीक्षा केंद्र प्रबंधन ने छात्रा को परीक्षा में बैठने से इंकार कर दिया। जिससे छात्रा ने सदमा में आकर मौत को गले लगा लिया।
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मृतका के परिजनों ने बताया कि वह अपनी मैट्रिक की परीक्षा को लेकर काफी उत्साहित थी। मंगलवार को जब वह बरनी केंद्र के लिए निकली, तो रास्ते में लगे भारी सड़क जाम में फंस गई। जब वह केंद्र पहुंची तो प्रवेश का समय निकल चुका था। गेट न खुलने और परीक्षा छूटने की वजह से वह सदमे में आ गई। वह घर आकर काफी देर तक रोती रही।
परजनों ने बताया कि समझाने के बाद वह शांत हो गई थी, लेकिन वह चुपचाप घर से निकलकर रेलवे ट्रैक पर जा पहुंची और महाराजचक इलाके में ट्रेन के आगे खुदकुशी कर ली।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेजा है और इस संबंध में यूडी (Unnatural Death) केस दर्ज कर लिया है।
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घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने शिक्षा प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क जाम जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए छात्रों के लिए थोड़ी लचीली व्यवस्था होनी चाहिए।