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जेडीयू से निषकाशित विधायक अनंत सिंह
पटना: दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के सरेंडर करने के निर्देश के बाद जेडीयू से निषकाशित विधायक अनंत सिंह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। अनंत सिंह ने इस मामले में जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और वे कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए सरेंडर करेंगे। साथ ही उन्होंने साफ किया कि वे दोबारा अदालत में अपील करेंगे। दूसरी तरफ, नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों पर तंज कसते हुए कहा कि वह ऐसे लोगों पर ध्यान नहीं देते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। वे कोर्ट में सरेंडर करेंगे और इसके बाद दोबारा कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जेडीयू के नीरज कुमार ने उन्हें इस मामले में फंसाया है।
अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस मामले में सरकार ने उन्हें फंसाया है। उनका सीधा आरोप नीरज कुमार पर है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसके बाद से बिहार की राजनीति में भी इस मामले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
अनंत सिंह के आरोपों पर जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तंजिया अंदाज में कहा, "वो जानें, उनका काम जानें, हम ऐसे लोगों पर ध्यान नहीं देते हैं।"
नीरज कुमार के इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच सियासी तल्खी और बढ़ती दिखाई दे रही है। हालांकि, अनंत सिंह ने अपने आरोपों के समर्थन में बातचीत के दौरान कोई अतिरिक्त सबूत पेश नहीं किया।
अनंत सिंह की ओर से पेश वकील शिल्पी चौधरी ने बताया कि उनकी बेटी की शादी होने वाली है। इसी वजह से अनंत सिंह शादी के बाद सरेंडर करेंगे। वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी जमानत रद्द नहीं की गई है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
वकील के मुताबिक, अदालत ने पुलिस को चार महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। जांच पूरी होने के बाद मामले को फिर से अदालत में सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद यह तय होगा कि अनंत सिंह की जमानत रद्द की जानी चाहिए या नहीं।
सुनवाई के दौरान अनंत सिंह के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का मुद्दा भी उठा। याचिकाकर्ता के वकील के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि 67 आपराधिक मामलों का इतिहास होने के बावजूद उन्हें हाईकोर्ट से जमानत कैसे मिल गई?
याचिकाकर्ता के वकील अमरकांत पटेल ने बताया कि अनंत सिंह के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या और धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास जैसे मामलों की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं।
वकील के अनुसार, अनंत सिंह ने चुनाव के दौरान दाखिल अपने हलफनामे में भी इन 67 मामलों का जिक्र किया था। इसमें प्रत्येक मामले की स्थिति की जानकारी दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, अनंत सिंह को सरेंडर करना होगा और पुलिस को चार महीने में जांच पूरी करनी है। इसके बाद अदालत मामले की दोबारा सुनवाई करेगी और जमानत जारी रखने या रद्द करने पर फैसला ले सकती है। फिलहाल इस पूरे मामले में अनंत सिंह के आरोपों और नीरज कुमार की प्रतिक्रिया ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
Location : Patna
Published : 30 October 2026, 2:10 PM IST