सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने 10 मिनट फूड डिलीवरी के दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। ब्लॉगर के मुताबिक, ताजा खाना नहीं बल्कि पहले से तैयार फ्रोजन फूड गर्म करके भेजा जाता है। वीडियो ने ग्राहकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

वीडियो देख लोग रह गए हैरान(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: आज के डिजिटल दौर में फूड डिलीवरी ऐप्स ने हमारी जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है। बस मोबाइल उठाइए, ऐप खोलिए और 10 मिनट में गर्मागर्म खाना दरवाजे पर। लेकिन क्या वाकई यह खाना ताजा बनता है? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस दावे की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं और लाखों लोगों की आंखें खोल दी हैं।
वायरल वीडियो में एक फूड ब्लॉगर ने 10 मिनट डिलीवरी के पीछे का सच उजागर किया है। वीडियो में वह साफ तौर पर कहता है कि लोगों को यह भ्रम होता है कि ऑर्डर मिलते ही रसोई में खाना बनना शुरू हो जाता है, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। ब्लॉगर के मुताबिक, इतनी तेज डिलीवरी तभी संभव है जब खाना पहले से तैयार और फ्रोजन हो।
वीडियो में ब्लॉगर फ्रिज खोलकर दिखाता है, जहां दाल, चावल, कढ़ी, पराठे और यहां तक कि मिठाइयां जैसे रसगुल्ला और रसमलाई तक फ्रोजन हालत में रखी हुई हैं। यह नजारा दर्शकों के लिए हैरान कर देने वाला था। ज्यादातर लोग मानते हैं कि रेस्टोरेंट से आने वाला खाना ताज़ा और उसी समय बना होता है, लेकिन वीडियो इस सोच को पूरी तरह तोड़ देता है।
ब्लॉगर यह भी समझाता है कि फ्रोजन फूड रखने का मकसद ग्राहकों को जल्दी सेवा देना है। ऑर्डर आते ही इन आइटम्स को सिर्फ गर्म किया जाता है और तुरंत डिलीवरी के लिए भेज दिया जाता है। इससे रेस्टोरेंट्स को समय की बचत होती है और ऐप्स अपने "10 मिनट डिलीवरी" जैसे आकर्षक दावे पूरे कर पाते हैं।
"कुछ लोगों का भ्रम तोड़ता हूं, जो 10 मिनट डिलीवरी के चक्कर में खाना ऑर्डर कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि कुछ लोग उनका खाना तैयार करने हो बैठे हैं। सबकुछ फ्रोजन है।"
इसके बाद ब्लॉगर फ्रिज में जमी डाल,चावल, कड़ी, पराठे यहां तक की रसमलाई तक फ्रोजन की हुई दिखाता है। pic.twitter.com/1YPrwS9tqt
— Arvind Sharma (@sarviind) January 30, 2026
इस वीडियो के बाद कई यूजर्स ने फ्रोजन खाने की गुणवत्ता और सेहत पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि बार-बार फ्रोजन और रीहीटेड खाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं कुछ यूजर्स ने इसे व्यावहारिक तरीका बताया, लेकिन पारदर्शिता की कमी पर नाराजगी जाहिर की।
वीडियो के कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा, "अब समझ आया कि 10 मिनट में खाना कैसे आ जाता है, हम तो खुद को बहुत स्मार्ट समझ रहे थे।" वहीं दूसरे ने कहा, "ये वीडियो सच में आंखें खोलने वाला है, अब सोच-समझकर ही ऑर्डर करूंगा।" कई लोगों ने रेस्टोरेंट कर्मचारियों की मेहनत को भी सराहा।
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यह वायरल वीडियो सिर्फ एक खुलासा नहीं, बल्कि ग्राहकों के लिए चेतावनी भी है। तेज डिलीवरी के चक्कर में हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि खाने की गुणवत्ता और ताज़गी भी उतनी ही जरूरी है। अगली बार जब आप 10 मिनट डिलीवरी का ऑप्शन देखें, तो थोड़ा ठहरकर सोचें- क्या आपको सच में जल्दबाजी चाहिए या सेहत?