सोशल मीडिया पर गर्भवती कराने के बदले लाखों रुपये देने का दावा वायरल हुआ। जांच में ‘All India Pregnant Job Service’ नाम का फर्जी साइबर स्कैम सामने आया। नवादा साइबर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू की है।

प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: इंटरनेट)
Patna: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सऐप पर इन दिनों एक ऐसा मामला तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे पढ़कर लोग हैरानी, गुस्सा और शर्मिंदगी तीनों भावनाओं से गुजर रहे हैं। वायरल पोस्ट और स्क्रीनशॉट्स में दावा किया जा रहा है कि भारत में पुरुषों को संतान न होने वाली महिलाओं को गर्भवती करने के बदले लाखों रुपये दिए जा रहे हैं। इस दावे ने न केवल सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, बल्कि समाज की नैतिकता और साइबर सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल पोस्ट के सामने आते ही यूजर्स दो धड़ों में बंट गए। एक वर्ग इसे बीमार मानसिकता और महिलाओं के सम्मान पर हमला बता रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे समाज में मौजूद लालच, बेरोजगारी और संतान की चाह का खतरनाक परिणाम मान रहा है। कई लोगों ने इसे सीधे तौर पर साइबर ठगी का मामला बताया और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले की जड़ “All India Pregnant Job Service” नाम का एक फर्जी ऑनलाइन नेटवर्क था। इस नाम से सोशल मीडिया पेज, ग्रुप और निजी मैसेज के जरिए लोगों को आकर्षक ऑफर दिए जा रहे थे। आरोप है कि पुरुषों को आसान कमाई, मुफ्त यौन संबंध, नौकरी दिलाने और सस्ते लोन का झांसा देकर फंसाया जा रहा था।
इस स्कैम में दावा किया जाता था कि यदि कोई पुरुष ऐसी महिला को गर्भवती कर देता है, जिसे संतान नहीं हो रही, तो उसे 10 लाख रुपये तक की रकम दी जाएगी। इतना ही नहीं, ठग यह भी कहते थे कि यदि प्रयास असफल रहा, तब भी आधी रकम यानी करीब 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस झूठे भरोसे ने कई लोगों को इस जाल में फंसा दिया।
खबर के मुताबिक, जैसे ही कोई व्यक्ति इस ऑफर में रुचि दिखाता, उसे पंजीकरण के लिए कहा जाता था। इसके बाद होटल बुकिंग, मेडिकल जांच, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और सर्विस चार्ज के नाम पर अलग-अलग किस्तों में पैसे मांगे जाते थे। पीड़ितों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और सेल्फी जैसे निजी दस्तावेज भी हासिल कर लिए जाते थे।
जब पीड़ितों से तय रकम वसूल ली जाती थी, तो आरोपी अचानक संपर्क तोड़ देते थे। न फोन उठाया जाता था, न मैसेज का जवाब दिया जाता था। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें न तो पैसा वापस मिला और न ही किसी तरह की सेवा। इस तरह यह ठगी केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक शोषण का भी रूप ले चुकी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा साइबर पुलिस ने जांच शुरू की और इस फर्जी नेटवर्क का भांडाफोड़ किया। पुलिस ने Ranjan Kumar नाम के एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है, जिसके इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ठगी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इन उपकरणों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितने लोग इसके शिकार बन चुके हैं।
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साइबर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस स्कैम का दायरा कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि शर्म और बदनामी के डर से कई पीड़ित अब तक सामने नहीं आए हैं।
जैसे ही यह मामला सामने आया, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। एक यूजर ने लिखा, “यह ठगी सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि लोगों की मजबूरी, संतान की चाह और समाज में फैली चुप्पी का फायदा उठाकर की गई है।” कई अन्य यूजर्स ने भी इस स्कैम को महिलाओं के सम्मान और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ बताया।