हांगकांग में सदियों पुरानी लोक परंपरा “दा सिउ यान” में लोग बुरी किस्मत और नकारात्मकता दूर करने के लिए कागज की पुतली को जूते से पीटते हैं और जला देते हैं। यह अनुष्ठान जिंग्जे के दिन विशेष रूप से किया जाता है।

कागज की पुतली पर जूते से वार (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: हांगकांग और ग्वांगडोंग प्रांत में सदियों से चली आ रही एक अनोखी चीनी लोक परंपरा, जिसे स्थानीय लोग "दा सिउ यान" कहते हैं, आज भी अपनी लोकप्रियता बनाए हुए है। यह परंपरा लोगों की बुरी किस्मत और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए प्रतीकात्मक रूप से की जाने वाली क्रिया है। इसमें लोग विशेष रूप से साल के कुछ खास समय पर कागज की पुतली बनाकर उसे पीटते और जला देते हैं।
इस अनुष्ठान में लोग कागज की पुतली बनाते हैं, जो किसी "विलेन" का प्रतिनिधित्व करती है। यह व्यक्ति कोई भी हो सकता है - सहकर्मी, पूर्व साथी या कोई ऐसा व्यक्ति जिसे दुर्भाग्य लाने वाला माना जाता हो। पुतली को पीटने और जला देने के पीछे उद्देश्य यह होता है कि उसका प्रतिनिधित्व करने वाली बुरी शक्ति या नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाए।
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इस परंपरा का सबसे रोचक हिस्सा है पुतली की जूते से पिटाई। अनुष्ठानकर्ता प्रार्थना करते हुए प्रतीकात्मक रूप से उस व्यक्ति की नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों को दूर करने के लिए पुतली पर जूते से प्रहार करते हैं। इसके बाद मूर्ति को आग में डाल दिया जाता है, जो समस्याओं के विनाश और बाधाओं से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है।
"Villain hitting" ritual in Hong Kong and Guangdong province pic.twitter.com/udwyO3fBwl
— @ (@anthraxxxx) November 12, 2024
दा सिउ यान मुख्य रूप से जिंग्जे के दौरान किया जाता है। जिंग्जे पारंपरिक चीनी पंचांग के 24 सौर कालखंडों में से एक है और यह मार्च की शुरुआत में आता है। इसे "कीड़ों का जागरण" भी कहा जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यह दिन बुरी शक्तियों और समस्याओं को दूर करने के लिए अत्यंत शुभ है। इस दिन कुछ लोग सफेद बाघ को प्रसाद चढ़ाते हैं, जिसे दुर्भाग्य दूर करने वाला प्रतीक माना जाता है।
इस अनुष्ठान का सांस्कृतिक महत्व इतना है कि पेशेवर अनुष्ठानकर्ता अक्सर कैनाल रोड फ्लाईओवर के नीचे इसे आयोजित करते हैं। न केवल स्थानीय लोग बल्कि पर्यटक भी इस परंपरा को देखने के लिए आकर्षित होते हैं। यह एक आध्यात्मिक अभ्यास होने के साथ-साथ पर्यटन का भी आकर्षण बन चुका है। पर्यटक इस अनुष्ठान को देखकर न केवल संस्कृति के बारे में सीखते हैं बल्कि प्रतीकात्मक रूप से बुरी शक्तियों से छुटकारा पाने का अनुभव भी प्राप्त करते हैं।
To make their adversaries miserable, people in Hong Kong seek help from experts to put a curse on them by a special ritual: Villain-hitting.#hongkong #ritual #tradition #onthisday #Cantonese #hkeye pic.twitter.com/55mvyllmvW
— HKeye (@HKeye_) March 6, 2024
इस परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह लोगों को अपनी कुंठाओं और परेशानियों को बाहर व्यक्त करने का अवसर देती है। जूते से पुतली की कुटाई केवल प्रतीकात्मक क्रिया है, लेकिन यह मानसिक और भावनात्मक राहत देने में मदद करती है। लोग इसे अपनी बुरी किस्मत, तनाव और नकारात्मक भावनाओं को दूर करने का तरीका मानते हैं।
आज भी हांगकांग में दा सिउ यान अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए है। चाहे यह आध्यात्मिक अभ्यास हो या पर्यटकों के लिए आकर्षण, यह परंपरा लोगों को अपनी पुरानी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती है। जूते से 'विलेन' की कुटाई न केवल मनोरंजक है, बल्कि यह बुरी शक्तियों और नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीकात्मक साधन भी है।