
New Delhi: दिल्ली के पालम इलाके के साध नगर में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल बताए जा रहे है। फिलकल सभी को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है, लेकिन सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह घटना राजेंद्र कश्यप के परिवार की आवासीय इमारत में हुई, जिसके बेसमेंट और पहली मंजिल पर कॉस्मेटिक का गोदाम और दुकान थी। सुबह 6:40 बजे के आसपास लगी आग बेसमेंट से शुरू होकर तेजी से ऊपर की मंजिलों तक फैल गई, जिससे परिवार के कई सदस्य अंदर फंस गए और दम घुटने से सबकी मौत हो गई।
किस्मत का क्रूर खेल देखिए, जिस घर की खुशहाली के लिए राजेंद्र कश्यप दिन-रात एक करते थे, उसी घर की चौखट पर आज अपनों की अर्थियों का अंबार है। गोवा से अपनों से मिलने की तड़प लेकर लौटे राजेंद्र को क्या पता था कि वह अपनी पत्नी, बच्चो समेत परिवार के 9 सदस्यों को अंतिम विदाई देने लौट रहे हैं. नियत्ति ने उन्हें और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को घर से दूर रखकर जिंदगी तो बख्श दी, लेकिन पीछे छोड़ गई कभी न भरने वाला एक गहरा शून्य।
आपकी बता दे, ज्वलनशील सामान और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी ने इस त्रासदी को और भयावह बना दिया। आज साध नगर की गलियों में सन्नाटा पसरा है. हर घर में मातम है, हर आंख नम है. जो घर कभी बच्चों की किलकारियों और हसी से गूंजता था, आज वहां सिर्फ राख, खामोशी और टूटे हुए रिश्तों की कहानी बची है।
New Delhi: दिल्ली के पालम इलाके के साध नगर में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल बताए जा रहे है। फिलकल सभी को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है, लेकिन सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह घटना राजेंद्र कश्यप के परिवार की आवासीय इमारत में हुई, जिसके बेसमेंट और पहली मंजिल पर कॉस्मेटिक का गोदाम और दुकान थी। सुबह 6:40 बजे के आसपास लगी आग बेसमेंट से शुरू होकर तेजी से ऊपर की मंजिलों तक फैल गई, जिससे परिवार के कई सदस्य अंदर फंस गए और दम घुटने से सबकी मौत हो गई।
किस्मत का क्रूर खेल देखिए, जिस घर की खुशहाली के लिए राजेंद्र कश्यप दिन-रात एक करते थे, उसी घर की चौखट पर आज अपनों की अर्थियों का अंबार है। गोवा से अपनों से मिलने की तड़प लेकर लौटे राजेंद्र को क्या पता था कि वह अपनी पत्नी, बच्चो समेत परिवार के 9 सदस्यों को अंतिम विदाई देने लौट रहे हैं. नियत्ति ने उन्हें और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को घर से दूर रखकर जिंदगी तो बख्श दी, लेकिन पीछे छोड़ गई कभी न भरने वाला एक गहरा शून्य।
आपकी बता दे, ज्वलनशील सामान और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी ने इस त्रासदी को और भयावह बना दिया। आज साध नगर की गलियों में सन्नाटा पसरा है. हर घर में मातम है, हर आंख नम है. जो घर कभी बच्चों की किलकारियों और हसी से गूंजता था, आज वहां सिर्फ राख, खामोशी और टूटे हुए रिश्तों की कहानी बची है।
Location : New Delhi
Published : 20 March 2026, 4:31 PM IST
Topics : Delhi family Fire Break Ground Report Palam