
Somnath: प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के 19 वर्षीय बेटे देवांश ठाकुर ने गुजरात के सोमनाथ में पहली बार सार्वजनिक मंच से श्रीमद्भागवत कथा सुनाई। उनकी कथा का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। देवांश ने अपने पहले प्रवचन में गोकर्ण प्रसंग, प्रह्लाद चरित्र और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़े प्रसंग सुनाए। उन्होंने संस्कृत के श्लोकों का पाठ किया और भजन भी प्रस्तुत किए। उनकी आवाज, आत्मविश्वास और मंच संचालन की कई लोगों ने सराहना की।
देवांश की एंट्री के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। एक वर्ग का कहना है कि यह आध्यात्मिक परंपरा और पारिवारिक संस्कारों का स्वाभाविक विस्तार है, जबकि दूसरे लोग इसे धार्मिक मंचों पर परिवारवाद से जोड़कर देख रहे हैं।
देवांश, देवकीनंदन ठाकुर के इकलौते बेटे हैं और बताया जाता है कि उन्होंने बचपन से ही वेद, श्रीमद्भागवत और संस्कृत का अध्ययन किया है। अब चर्चा इस बात की है कि क्या वह अपने पिता की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊंचाई देंगे या उनकी पहचान पर परिवारवाद की बहस भारी पड़ेगी।
Somnath: प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के 19 वर्षीय बेटे देवांश ठाकुर ने गुजरात के सोमनाथ में पहली बार सार्वजनिक मंच से श्रीमद्भागवत कथा सुनाई। उनकी कथा का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। देवांश ने अपने पहले प्रवचन में गोकर्ण प्रसंग, प्रह्लाद चरित्र और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़े प्रसंग सुनाए। उन्होंने संस्कृत के श्लोकों का पाठ किया और भजन भी प्रस्तुत किए। उनकी आवाज, आत्मविश्वास और मंच संचालन की कई लोगों ने सराहना की।
देवांश की एंट्री के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। एक वर्ग का कहना है कि यह आध्यात्मिक परंपरा और पारिवारिक संस्कारों का स्वाभाविक विस्तार है, जबकि दूसरे लोग इसे धार्मिक मंचों पर परिवारवाद से जोड़कर देख रहे हैं।
देवांश, देवकीनंदन ठाकुर के इकलौते बेटे हैं और बताया जाता है कि उन्होंने बचपन से ही वेद, श्रीमद्भागवत और संस्कृत का अध्ययन किया है। अब चर्चा इस बात की है कि क्या वह अपने पिता की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊंचाई देंगे या उनकी पहचान पर परिवारवाद की बहस भारी पड़ेगी।
Location : Somnath
Published : 2 July 2026, 6:37 PM IST