
New Delhi: नीट और शिक्षा प्रणाली के मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर डटी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और केंद्र सरकार के बीच तनातनी अब बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गई है। शुक्रवार (24 जुलाई) को सरकार और CJP के बीच दूसरे दौर की उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि CJP का प्रतिनिधित्व प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास ने किया।
बैठक खत्म होने के बाद जंतर-मंतर लौटे CJP प्रवक्ताओं ने मंच से आर-पार की हुंकार भरी। आशुतोष रांका ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को स्पष्ट कर दिया गया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नीचे कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
CJP प्रवक्ता ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब बातचीत में समय बर्बाद करने का वक्त निकल चुका है। अगर अगले एक से दो दिनों के भीतर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया या उन्हें पद से बर्खास्त नहीं किया गया, तो पार्टी 20 जुलाई की तर्ज पर एक और ऐतिहासिक और विशाल राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान करेगी। इस बार का आंदोलन पहले से भी ज्यादा व्यापक और उग्र होगा।
सौरभ दास और आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार ने इस मुद्दे पर शनिवार (25 जुलाई) दोपहर 3:30 बजे फिर से वार्ता का समय तय किया है। CJP नेताओं ने मंत्रियों से साफ कहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक छात्रों और प्रदर्शनकारियों की यह एकसूत्रीय मांग पहुँचा दें। अब शनिवार को होने वाली इस बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं कि सरकार क्या रुख अपनाती है।
New Delhi: नीट और शिक्षा प्रणाली के मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर डटी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और केंद्र सरकार के बीच तनातनी अब बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गई है। शुक्रवार (24 जुलाई) को सरकार और CJP के बीच दूसरे दौर की उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि CJP का प्रतिनिधित्व प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास ने किया।
बैठक खत्म होने के बाद जंतर-मंतर लौटे CJP प्रवक्ताओं ने मंच से आर-पार की हुंकार भरी। आशुतोष रांका ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को स्पष्ट कर दिया गया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नीचे कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
CJP प्रवक्ता ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब बातचीत में समय बर्बाद करने का वक्त निकल चुका है। अगर अगले एक से दो दिनों के भीतर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया या उन्हें पद से बर्खास्त नहीं किया गया, तो पार्टी 20 जुलाई की तर्ज पर एक और ऐतिहासिक और विशाल राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान करेगी। इस बार का आंदोलन पहले से भी ज्यादा व्यापक और उग्र होगा।
सौरभ दास और आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार ने इस मुद्दे पर शनिवार (25 जुलाई) दोपहर 3:30 बजे फिर से वार्ता का समय तय किया है। CJP नेताओं ने मंत्रियों से साफ कहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक छात्रों और प्रदर्शनकारियों की यह एकसूत्रीय मांग पहुँचा दें। अब शनिवार को होने वाली इस बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं कि सरकार क्या रुख अपनाती है।
Location : New Delhi
Published : 24 July 2026, 4:07 PM IST