
Saifai: उत्तर प्रदेश के चर्चित सैफई पीजीआई एक बार फिर सवालों के घेरे में है। भीषण गर्मी के बीच अचेत हालत में महिला मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के आरोप ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि मरीज चलने-फिरने की हालत में भी नहीं थी, इसके बावजूद उसे अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया गया।
मामला मैनपुरी जिले के धर्मगत गांव का है। यहां की रहने वाली महिला मोश्री लालसहाय को तबीयत बिगड़ने के बाद सैफई पीजीआई में भर्ती कराया गया था। महिला के भाई बलराम के अनुसार, उनकी बहन के शरीर के एक हिस्से में तेज दर्द था, जो पैर से होते हुए सीने तक पहुंच रहा था।
परिजनों का कहना है कि शुक्रवार देर शाम महिला को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया, लेकिन पूरी रात इलाज के बावजूद उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। आरोप है कि शनिवार सुबह तक महिला अचेत अवस्था में थी, इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उसे डिस्चार्ज कर दिया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि भीषण गर्मी और लू के बीच महिला को अस्पताल परिसर के बाहर पेड़ की छांव में लिटाना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने न तो मरीज की हालत को गंभीरता से लिया और न ही कोई मानवीय संवेदनशीलता दिखाई।
मरीज के भाई ने बताया कि महिला लगातार अस्वस्थ महसूस कर रही थी और खुद उठने-बैठने की स्थिति में भी नहीं थी। इसके बावजूद अस्पताल से बाहर करने के कारण उन्हें खुले में इंतजार करना पड़ा।
घटना के दौरान अस्पताल पहुंचे अन्य मरीजों और उनके तीमारदारों को भी भीषण गर्मी में अस्पताल के बाहर इंतजार करते देखा गया। आरोप है कि प्रशासन लोगों को अस्पताल परिसर के अंदर रुकने की अनुमति नहीं दे रहा, जिसके चलते लोग पेड़ों और दीवारों की छांव में बैठने को मजबूर हैं।
47-48 डिग्री तापमान और गर्म हवाओं के बीच मरीजों और तीमारदारों की परेशानी लगातार बढ़ती दिखाई दी। कई लोग लू से बचने के लिए इधर-उधर छांव तलाशते नजर आए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है। हालांकि पूरे मामले पर देर शाम तक सैफई पीजीआई प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
Saifai: उत्तर प्रदेश के चर्चित सैफई पीजीआई एक बार फिर सवालों के घेरे में है। भीषण गर्मी के बीच अचेत हालत में महिला मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के आरोप ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि मरीज चलने-फिरने की हालत में भी नहीं थी, इसके बावजूद उसे अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया गया।
मामला मैनपुरी जिले के धर्मगत गांव का है। यहां की रहने वाली महिला मोश्री लालसहाय को तबीयत बिगड़ने के बाद सैफई पीजीआई में भर्ती कराया गया था। महिला के भाई बलराम के अनुसार, उनकी बहन के शरीर के एक हिस्से में तेज दर्द था, जो पैर से होते हुए सीने तक पहुंच रहा था।
परिजनों का कहना है कि शुक्रवार देर शाम महिला को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया, लेकिन पूरी रात इलाज के बावजूद उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। आरोप है कि शनिवार सुबह तक महिला अचेत अवस्था में थी, इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उसे डिस्चार्ज कर दिया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि भीषण गर्मी और लू के बीच महिला को अस्पताल परिसर के बाहर पेड़ की छांव में लिटाना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने न तो मरीज की हालत को गंभीरता से लिया और न ही कोई मानवीय संवेदनशीलता दिखाई।
मरीज के भाई ने बताया कि महिला लगातार अस्वस्थ महसूस कर रही थी और खुद उठने-बैठने की स्थिति में भी नहीं थी। इसके बावजूद अस्पताल से बाहर करने के कारण उन्हें खुले में इंतजार करना पड़ा।
घटना के दौरान अस्पताल पहुंचे अन्य मरीजों और उनके तीमारदारों को भी भीषण गर्मी में अस्पताल के बाहर इंतजार करते देखा गया। आरोप है कि प्रशासन लोगों को अस्पताल परिसर के अंदर रुकने की अनुमति नहीं दे रहा, जिसके चलते लोग पेड़ों और दीवारों की छांव में बैठने को मजबूर हैं।
47-48 डिग्री तापमान और गर्म हवाओं के बीच मरीजों और तीमारदारों की परेशानी लगातार बढ़ती दिखाई दी। कई लोग लू से बचने के लिए इधर-उधर छांव तलाशते नजर आए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है। हालांकि पूरे मामले पर देर शाम तक सैफई पीजीआई प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
Location : Maipuri
Published : 23 May 2026, 1:38 PM IST
Topics : discharged Heatwave Pateint Saifai PGI UP News