उत्तराखंड ने चार वर्षों के दौरान अच्छी आर्थिक प्रगति की है। वर्ष 2022 की तुलना में राज्य की GSDP में डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति आय, उद्योग, स्टार्टअप और बिजली उत्पादन सहित कई अन्य क्षेत्रों में उत्साहजनक नतीजे सामने आए हैं।

उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति के आंकड़े आये सामने
Dehradun: उत्तराखंड ने चार वर्षों के दौरान अच्छी आर्थिक तरक्की हासिल की है। इन चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय, उद्योग, स्टार्टअप और बिजली उत्पादन सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी-खासी ग्रोथ हुई है। वर्ष 2022 की तुलना में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी-GSDP) में डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। यह जानकारी आज गुरुवार को राज्य के प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम ने दी।
उत्तराखंड सरकार के चार साल पूरे होने पर वित्तीय वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण जारी करते हुए प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि नियोजन विभाग के अनुसार वर्ष 2022 की अपेक्षा राज्य की जीएसडीपी में डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022 में राज्य की जीएसडीपी का आकार 2.54 लाख करोड़ था, जो बढ़कर 3.81 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।
प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2022 में प्रति व्यक्ति आय एक लाख 94 हजार थी, जोअब बढ़कर दो लाख 73 हजार हो गई है । 2022 की अपेक्षा गरीबी इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई है। 9.7 प्रतिशत से गिरकर गरीबी इंडेक्स 6.92 फीसदी रह गया है।
प्रमुख सचिव के मुताबिक राज्य में एमएसएमई सेक्टर में भी अच्छी ग्रोथ हुई है। एमएसएमई के तहत राज्य में वर्ष 2022 में करीब 59 हजार उद्योग थे। पिछले चार वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 79 हजार से अधिक पहुंच गई है। इससे करीब साढ़े चार लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है।
प्रमुख सचिव ने कहा कि वर्ष 2022 में राज्य में बड़े उद्योगों की संख्या107 थी, जो अब 128 हो गई है। पिछले चार साल में स्टार्टअप की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई। 2017 में एक भी स्टार्टअप नहीं था। 2022 में 702 स्टार्टअप रजिस्टर्ड हुए, जिनकी संख्या अब -1750 पहुंच गई है। पिछले चार वर्षों में राज्य में 885 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण हुआ।
प्रमुख सचिव ने बताया कि सोलर पॉवर प्लांट से बिजली उत्पादन में भी रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। 2022 में सोलर से 439 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी, जो अब बढ़कर 1027 मेगावाट हो गई है।
चावल, मिल्क और फिश प्रोडक्शन में भी ग्रोथ हुई है। राज्य की जीएसडीपी में सबसे अधिक योगदान 26.02 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (विनिर्माण क्षेत्र) का है।