नैनीताल में गर्मी से राहत पाने आए पर्यटकों की भारी भीड़ और वाहन जाम ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। प्रशासन की तैयारियां नाकाफी साबित हुईं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

नैनीताल में वीकेंड पर ट्रैफिक का कहर!
Nainital: नैनीताल की वीकेंड की शुरुआत इस बार बेहद मुश्किल भरी रही। शनिवार की सुबह से ही शहर के बाहरी मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटकों के कारण मुख्य प्रवेश मार्ग धीरे-धीरे जाम में तब्दील हो गए। सड़कें इतनी व्यस्त थीं कि स्थानीय लोग और घूमने आए सैलानी दोनों ही परेशान नजर आए। अनुमान है कि दिनभर में करीब ढाई हजार वाहन नगर में दाखिल हुए, जिनमें बारह हजार से अधिक लोग मौजूद थे।
मैदानी इलाकों में तेज गर्मी से राहत पाने के लिए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और पंजाब से बड़ी संख्या में लोग नैनीताल का रुख करते दिखे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि शहर की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। सुबह दस बजे से ही माल रोड और मल्लीताल की ओर जाने वाली सभी छोटी-बड़ी सड़कें धीमी रफ्तार से चलने लगीं। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने रूसी बाईपास और नारायण नगर जैसे बाहरी इलाकों में वाहनों को रोकना शुरू किया। वहां से शटल सेवा के जरिए पर्यटकों को मुख्य शहर तक पहुँचाया गया। इसके बावजूद भी भीड़ इतनी ज्यादा थी कि शहर के भीतर वाहन इंच इंच चल रहे थे।
नैनीताल वासियों के लिए राहत की बड़ी खबर, टोल और पार्किंग में मिलेगा ये फायदा
शनिवार को शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों की स्थिति भी अलग नहीं रही। प्राणी उद्यान में करीब 1200 लोग पहुंचे, जबकि इको गार्डन में 800 पर्यटकों की आवाजाही दर्ज की गई। कुमाऊं मंडल विकास निगम के रोपवे पर 750 पर्यटक सवारी के लिए आए। झरना देखने के लिए 800 से ज्यादा लोग उमड़ पड़े। पेट्रोले कोन, हिमालय दर्शन और किलबरी जैसी जगहों पर दिनभर रौनक बनी रही। दुकानदार और कारोबारी पूरे दिन बेहद व्यस्त रहे। हालांकि पर्यटन बढ़ने का मतलब आमदनी में इजाफा था, लेकिन भीड़ और व्यवस्थाओं की कमी ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
इस भारी भीड़ ने साफ कर दिया कि गर्मी बढ़ते ही नैनीताल एक बार फिर लोगों की पहली पसंद बन चुका है, लेकिन व्यवस्थाओं की कमी शहर की बड़ी कमजोरी बन गई है। अधिकारियों को उम्मीद नहीं थी कि सीजन शुरू होने से पहले इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंच जाएंगे। ट्रैफिक नियंत्रण, शटल सेवाओं और सुरक्षा के उपायों में कमी ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम, पार्किंग की समस्या और होटल की सीमित क्षमता ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को परेशान किया।
स्थानीय निवासी भी इस भीड़ और जाम से परेशान रहे। कई लोगों ने कहा कि अक्सर शहर के हिल स्टेशन में गर्मी बढ़ते ही भारी संख्या में पर्यटक आते हैं, लेकिन प्रशासन हर बार पूरी तरह तैयार नहीं होता।