
नैनीताल: होली का त्योहार नजदीक है और कैमिकल रंगों की बाजार में भरमार है, लेकिन रामनगर में इस बार की होली कुछ अलग होने वाली है। इस बार केमिकल रंगों की होली को बाय-बाय किया गया है।अगर आप केमिकल वाले रंगों से त्वचा को होने वाले नुकसान से परेशान हैं, तो नैनीताल जिले के रामनगर के पास स्थित कानियां ग्रामसभा की महिलाओं ने इसका बेहतरीन विकल्प तैयार किया है। यहां महिलाएं पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से हर्बल गुलाल बना रही हैं, जिसकी मांग स्थानीय स्तर से लेकर महानगरों तक पहुंच चुकी है।
होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है, लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और खुशियां बांटते हैं,लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंगों ने कई लोगों को परेशानी में डाला है, त्वचा पर एलर्जी, आंखों में जलन और बालों को नुकसान जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
कलर बनाने वाले समूह की सदस्या गंगा बिष्ट और हेमा जीना
ऐसे में लोग अब सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प तलाश रहे हैं। इसी मांग को समझते हुए रामनगर की कानियां ग्रामसभा में वुमेन रिसोर्सेज सेंटर (WRC) समूह की महिलाओं ने हर्बल गुलाल तैयार करने की अनोखी पहल शुरू की है।
यह समूह देहरादून से संचालित पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी के संस्थान हिमालयन एनवायरनमेंटल स्टडीज़ एंड कंजरवेशन ऑर्गनाइजेशन (HESCO) के अंतर्गत कार्य कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद तैयार करना है।
Location : Ramnagar
Published : 28 February 2026, 4:30 PM IST
Topics : chemical colours Holi festival Nainital Ramnagar