नैनीताल में आदमखोर का खौफ! बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद, कई इलाकों में अलर्ट जारी

नैनीताल के भीमताल क्षेत्र में आदमखोर वन्यजीव की बढ़ती गतिविधियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कई ग्रामीण इलाकों में खतरे को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 24 April 2026, 10:46 PM IST

Nainital: उत्तराखंड़ के नैनीताल जिले में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। पहाड़ी इलाकों में जंगलों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहे वन्यजीव अब लोगों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। भीमताल विकासखंड के कई गांवों में आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता की विश्वसनीय जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।

जिला मजिस्ट्रेट एवं जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष ललित मोहन रयाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही और हमले की आशंका लगातार बढ़ रही है। हाल के दिनों में ज्योली और भदयूनी गांवों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है।

बच्चों की सुरक्षा बनी बड़ी चिंता

प्रशासन के अनुसार दोगड़ा, डोलमार, सूर्याजाला, मोरा, ज्योलीकोट, सूर्यागांव, गांजा, रानीबाग, दो गांव, आलूखेत, बल्यूटी, हैडी, सोनगोठ, काठगोदाम, बेल और नाईसेला जैसे इलाकों में भी वन्यजीवों की मौजूदगी की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बच्चे रोजाना जंगलों और सुनसान पगडंडियों से होकर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचते हैं।

Sonbhadra: रेलवे पटरी पर ऐसा क्या दिखा कि ग्रामीण सकते में आ गए और परिवार में मची चीख-पुकार

यही वजह है कि जिला प्रशासन ने 25 अप्रैल और 27 अप्रैल को सभी सरकारी, गैर-सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक छुट्टी घोषित कर दी है। आंगनबाड़ी केंद्र भी इन दिनों बंद रहेंगे। प्रशासन का मानना है कि बच्चों को जोखिम में डालना किसी भी हाल में उचित नहीं होगा।

वन विभाग, पुलिस और आपदा टीम की निगरानी जारी

जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं बुलाया जाएगा। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए मुख्य शिक्षाधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभिभावकों तक समय रहते सूचना पहुंचाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

इसके साथ ही वन विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम को लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया है। इलाके में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अनदेखी या लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Sonbhadra: रेलवे पटरी पर ऐसा क्या दिखा कि ग्रामीण सकते में आ गए और परिवार में मची चीख-पुकार

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जंगलों के आसपास वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ी है। खासकर सुबह और शाम के समय ग्रामीणों में डर बना रहता है। ऐसे में प्रशासन का यह फैसला राहत देने वाला माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने तक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

Location :  Nainital

Published :  24 April 2026, 10:46 PM IST