रुद्रप्रयाग के नए जिलाधिकारी के रूप में 2018 बैच के IAS विशाल मिश्रा ने कार्यभार संभाला। केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा की तैयारियों को देखते हुए उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे तकनीकी दक्षता और परिणामोन्मुख कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।

रुद्रप्रयाग को मिला नया प्रशासनिक नेतृत्व
Rudraprayag: जनपद रुद्रप्रयाग को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है। वर्ष 2018 बैच के आईएएस अधिकारी विशाल मिश्रा ने जिला कार्यालय पहुंचकर विधिवत रूप से जिलाधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने ट्रेजरी का चार्ज लिया और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कीं। इस अवसर पर पुलिस बल द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
उत्तराखंड कैडर के अधिकारी विशाल मिश्रा को केदारनाथ धाम की संवेदनशीलता और आगामी चारधाम यात्रा की व्यापक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए रुद्रप्रयाग का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। रुद्रप्रयाग जनपद धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासनिक दक्षता और सुदृढ़ समन्वय की विशेष आवश्यकता रहती है।
विशाल मिश्रा इससे पूर्व गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पर्यटन अवसंरचना और व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की। इसके अतिरिक्त वे जल जीवन मिशन में मिशन निदेशक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रुद्रप्रयाग को मिला नया जिलाधिकारी, जानें कौन हैं IAS विशाल मिश्रा जो संभालेंगे कमान
पूर्व में वे उधम सिंह नगर में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। अल्मोड़ा जनपद में कोसी नदी पुनरुद्धार परियोजना में उनके नेतृत्व और तकनीकी दृष्टिकोण की व्यापक सराहना हुई थी।
विशाल मिश्रा ने संभाली कमान
मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी विशाल मिश्रा का जन्म 10 जुलाई 1992 को हुआ। वर्ष 2025 के अनुसार उनकी आयु 33 वर्ष है। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक. की डिग्री हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (HBTI), कानपुर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में एम.टेक. की उपाधि हासिल की।
उनकी तकनीकी पृष्ठभूमि ने अवसंरचना विकास, सार्वजनिक परियोजनाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन में उन्हें विशेष दक्षता प्रदान की है। यही कारण है कि वे परिणामोन्मुख और नवाचार आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण के लिए पहचाने जाते हैं।
वर्ष 2018 में मात्र 26 वर्ष की आयु में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 49 प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी। उनकी यह उपलब्धि उनके समर्पण, बौद्धिक क्षमता और कठिन परिश्रम का प्रमाण मानी जाती है।
रुद्रप्रयाग में खनन माफिया का आतंक, धड़ल्ले वाली गतिविधियों पर अब क्या करेगी सरकार? जानिये यहां
रुद्रप्रयाग जैसे संवेदनशील और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले में जिलाधिकारी की भूमिका अत्यंत अहम होती है। आगामी चारधाम यात्रा, आपदा प्रबंधन, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण और पर्यटन प्रबंधन जैसी चुनौतियां उनके सामने होंगी। प्रशासन और आमजन को उनसे बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और परिणामोन्मुख कार्यशैली की अपेक्षा है।