रुद्रप्रयाग के सिंद्रवाणी क्षेत्र में गुलदार द्वारा बच्चे को उठाकर ले जाने की घटना के बाद रातभर चले सघन सर्च अभियान में मासूम का शव बरामद हुआ। वन विभाग, SDRF और प्रशासन ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया।

जंगल में चला संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
Rudraprayag: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के सिंद्रवाणी क्षेत्र (छिनका नगरासू) में गुलदार द्वारा एक मासूम बच्चे को उठाकर ले जाने की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन, वन विभाग और राहत एजेंसियों ने तत्काल सर्च अभियान शुरू किया।
घटना के बाद कुल 07 अलग-अलग टीमों द्वारा सघन सर्च अभियान चलाया गया। वन विभाग की 3 टीमें, डीडीआरएफ की 2 टीमें, एसडीआरएफ की 1 टीम, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम संयुक्त रूप से अभियान में शामिल रहीं। जंगल, झाड़ियों और आसपास के दुर्गम इलाकों में पूरी रात तलाशी अभियान जारी रहा।
लगातार प्रयासों के बाद रात्रि लगभग 11 बजे बच्चे का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद अधिकारियों ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
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सर्च अभियान के दौरान एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, डीडीएमओ, एसडीओ वन विभाग, कोतवाली प्रभारी और जिला सूचना अधिकारी स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने राहत एवं खोज अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की और टीमों को आवश्यक निर्देश दिए।
घटनास्थल की तस्वीरें
एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी ने बताया कि गुलदार के संभावित खतरे को देखते हुए ग्रामीणों की राय लेकर आगे की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा, “गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर पिंजरे लगाए जाएंगे और वन विभाग की गश्ती टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त करेंगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।”
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घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में नियमित गश्त, ट्रैप कैमरे और पिंजरे लगाने की मांग की है। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गांव के लोग खासे चिंतित नजर आ रहे हैं।