निजी स्कूलों की मनमानी पर कसी नकेल, अतिरिक्त शुल्क वसूली पर 17 संस्थानों को नोटिस

नैनीताल जिले में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की पहल के तहत जिला प्रशासन ने 17 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया है। महंगी किताबें थोपने, अतिरिक्त शुल्क वसूलने और वेबसाइट पर अनिवार्य जानकारी न देने जैसी अनियमितताओं की पुष्टि के बाद सीईओ ने 15 दिन में सुधार के निर्देश दिए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 May 2026, 6:49 PM IST

Nainital: नैनीताल जिले में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और किफायती बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल करते हुए निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लंबे समय से अभिभावकों की ओर से मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देशों पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने हल्द्वानी, रामनगर और भीमताल क्षेत्र में संचालित 17 निजी शिक्षण संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

 कक्षाओं में जरूरत से दो से तीन गुना अधिक

प्रशासन को मिली शिकायतों में बताया गया कि कई स्कूल एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम से इतर महंगी निजी प्रकाशन की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक खर्च का दबाव पड़ रहा है। इतना ही नहीं कुछ स्कूल कथित रूप से विशेष दुकानों से ही किताबें व अन्य सामग्री खरीदने का दबाव भी डाल रहे थे। जांच के दौरान पाठ्यपुस्तकों की संख्या भी कई कक्षाओं में जरूरत से दो से तीन गुना अधिक पाई गई।

किताबों और शुल्क से संबंधित अनियमितताओं की पुष्टि

नोटिस उन संस्थानों को भेजा गया है जिनके खिलाफ किताबों और शुल्क से संबंधित अनियमितताओं की पुष्टि हुई। इनमें हल्द्वानी, भीमताल और रामनगर क्षेत्र के प्रमुख निजी विद्यालय शामिल हैं। प्रतिबंधित प्रथाओं के साथ ही कई स्कूलों की वेबसाइटों पर अनिवार्य सूचनाएं जैसे बुक लिस्ट, फीस संरचना और अन्य विवरणउपलब्ध नहीं पाए गए।

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अपलोड करने के निर्देश

जिला प्रशासन ने इन अनियमितताओं को राइट टू एजुकेशन कानून 2009, सीबीएसई के दिशा-निर्देशों और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के खिलाफ बताया है। नोटिस में स्कूलों को 15 दिनों के भीतर संशोधित और संतुलित बुक लिस्ट जारी करने, केवल आवश्यक पाठ्य सामग्री अपनाने, वेंडरों की अनिवार्यता तुरंत समाप्त करने और वेबसाइट पर सभी अनिवार्य विवरण अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिन अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क लिया गया है, उसे समायोजित करने या वापस करने के भी आदेश शामिल हैं।

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15 दिनों के भीतर स्थलीय निरीक्षण

प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में सुधार नहीं होने पर स्कूलों की मान्यता निलंबित करने, आर्थिक दंड लगाने और अन्य कानूनी कार्रवाई करने में हिचक नहीं दिखाई जाएगी। इस बीच संयुक्त जांच समिति 15 दिनों के भीतर स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।जिले में उठाया गया यह कदम अभिभावकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Location :  नैनीताल

Published :  2 May 2026, 6:49 PM IST