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बैरिकेड तोड़ देहरादून में घुसे निहंग (Img: X)
Dehradun: उत्तराखंड के देहरादून-हिमाचल बॉर्डर पर गुरुवार देर रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब पंजाब और चंडीगढ़ के मोहाली से आए निहंग सिखों का जत्था उत्तराखंड में प्रवेश करने की कोशिश करने लगा। पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें कुल्हाड़ चेकपोस्ट पर रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन कुछ निहंग बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस और निहंगों के बीच बहस भी हुई और माहौल कुछ देर के लिए बेहद तनावपूर्ण हो गया।
हालांकि, देर रात जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद मामला शांत हो गया। प्रशासन के अनुसार निहंग वापस हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब लौट गए हैं और फिलहाल बॉर्डर पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
जानकारी के मुताबिक, पहले आठ निहंग उत्तराखंड की सीमा में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी और देहरादून की ओर बढ़ गए। इस दौरान कुछ निहंग तलवारें लहराते हुए देहरादून-पांवटा हाईवे की तरफ निकल पड़े। पुलिस द्वारा रास्ता रोकने के लिए लगाए गए दो डंपरों में भी तोड़फोड़ की गई। हालात को देखते हुए मौके पर पहले से मौजूद पुलिस, पीएसी और आईटीबीपी के जवान पूरी तरह सतर्क रहे। इसके बाद करीब 10 से 15 निहंग देहरादून के रेसकोर्स गुरुद्वारे पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें रोककर बातचीत शुरू की।
रात करीब दो बजे तक जिला प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच लगातार बातचीत चली। देहरादून के डीएम आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने हालात को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की कोशिश की। आखिरकार बातचीत सफल रही और निहंगों ने वापस लौटने का फैसला किया। डीएम ने बताया कि निहंग पांवटा साहिब लौट चुके हैं। वहां मौजूद करीब 150 निहंगों से भी बातचीत की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। फिलहाल देहरादून-हिमाचल सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं और स्थिति सामान्य बनी हुई है।
उत्तराखंड की ओर कूच करने से पहले गुरुवार सुबह मोहाली के सोहाना गुरुद्वारे में निहंग सिखों की बैठक हुई थी। बैठक में उन्होंने कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार चार निहंगों की रिहाई, उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और घटना में शामिल स्थानीय लोगों पर भी कार्रवाई की मांग उठाई। हालांकि प्रशासन ने उनकी इन मांगों को स्वीकार नहीं किया। गिरफ्तार निहंग अब भी पुलिस की हिरासत में हैं और मामला जांच के दायरे में है। निहंगों की ओर से फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पूरा मामला 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई एक झड़प से जुड़ा है। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंगों के एक जत्थे की बाइक बाजार में खड़ी कार से टकरा गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट की नौबत आ गई। आरोप है कि इस दौरान तलवार और धारदार हथियारों का इस्तेमाल हुआ, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हो गए। एक होटल व्यवसायी की हालत गंभीर होने पर उसे एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजा गया। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने बद्रीनाथ हाईवे पर प्रदर्शन किया और पुलिस ने चार निहंगों को गिरफ्तार कर लिया।
20 जून को सिख समुदाय ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। इसके बाद स्थानीय लोगों के खिलाफ भी काउंटर एफआईआर दर्ज की गई। उसी दिन रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में नया विवाद सामने आया, जहां कुछ निहंगों पर एक व्यक्ति को बंधक बनाने और गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर हथियारों के साथ डटे रहने के आरोप लगे।
प्रशासन, पुलिस और सिख प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद 23 जून को यह गतिरोध खत्म हुआ। इसके बाद जांच को निष्पक्ष बनाने के लिए दोनों एफआईआर की जांच हरिद्वार ट्रांसफर कर दी गई। बावजूद इसके, गिरफ्तार निहंगों की रिहाई की मांग को लेकर 25 जून को पंजाब से एक और जत्था उत्तराखंड के लिए रवाना हुआ, जिससे देहरादून बॉर्डर पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई।
देर रात हुई बातचीत के बाद हालात सामान्य हो गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है।
Location : Dehradun
Published : 26 June 2026, 12:49 PM IST