हल्द्वानी में कुसुमखेड़ा के राधिका ज्वैलर्स की दुकान में 19 दिसंबर की रात सेंधमारी कर एक करोड़ रुपये के जेवर चुराने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने शनिवार की रात बनबसा से गिरफ्तार किया।

हल्द्वानी में राधिका ज्वैलर्स चोरी का खुलासा
Nainital: जनपद में पुलिस ने हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र के राधिका ज्वैलर्स में हुई चोरी का खुलासा करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी की घटना में इस्तेमाल वाहन सीज किया और लगभग 22 लाख रुपये मूल्य के जेवरात बरामद किए।
घटना 19 से 21 दिसंबर 2025 के बीच हुई थी। दुकान मालिक ने थाना मुखानी में तहरीर दी थी कि अज्ञात चोरों ने दीवार तोड़कर दुकान में प्रवेश किया और चांदी व सोने के आभूषण तथा नगद चोरी कर लिए। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
ये सभी अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा हैं। चोरी में नेपाल, महाराष्ट्र और झारखंड का गिरोह शामिल था। वारदात को 10 से 12 बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया था। झारखंड का शातिर मकसूद मास्टरमाइंड है जो पुलिस की गिरफ्त में है। नेपाल के जनकराम जोशी ने बदमाशों को यहां बुलाया।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने घटना का संज्ञान लेते हुए एसपी हल्द्वानी और संबंधित थानों को कार्रवाई का निर्देश दिया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर पूरे उत्तराखंड, पड़ोसी राज्यों और नेपाल बॉर्डर पर तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद 4 जनवरी 2026 को चोरी में संलिप्त चार अभियुक्त बनबसा (चम्पावत) से गिरफ्तार किए गए।
गिरफ्तार अभियुक्तों में मकसूद शेख गैंग लीडर था। पूछताछ में उसने खुद के खिलाफ रांची और सूरत में चोरी के मामले होने की जानकारी दी। पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल वाहन और जेवरात भी बरामद किए। बरामद सामान में 54 ग्राम पीली धातु के जेवर और 7.245 किलो सफेद धातु शामिल हैं।
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नैनीताल पुलिस की टीम चोरी का पर्दाफाश करने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों के साथ ही नेपाल बॉर्डर तक गई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा व झारखंड के कई शहरों में भी टीमें गईं। कई दिन तक वहां रूकी।
एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी के मुताबिक, शातिर चोरों ने करीब 40 दिन पहले राधिका ज्वेलर्स की बगल की दुकान किराए पर लेने की कोशिश की। शुरुआत में ढाबा खोलने की बात कही गई, लेकिन मना होने पर कपड़ों का शोरूम खोलने का बहाना बनाया गया।
इसके बाद फर्नीचर का काम शुरू किया गया, ताकि किसी को शक न हो। इसी आड़ में ज्वेलर्स की दीवार को धीरे-धीरे कमजोर किया गया। कारपेंटर के काम की आवाज और निर्माण सामग्री के कारण आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी।
पुलिस टीम की मेहनत की सराहना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल ने सभी कर्मियों को 2,500 रुपये से पुरस्कृत करने की घोषणा की।
पुलिस टीम में एसपी, सीओ, थाने और चौकियों के अधिकारी व कांस्टेबल शामिल थे, जिन्होंने कुशल कार्य योजना और अथक प्रयासों से अंतर्राज्यीय नकबजनी गैंग का पर्दाफाश किया।